बिलासपुर. हमारे राज्य में सर्वाधिक किए जाने वाले गुड़ाखू के दुष्परिणाम जानकर आप भी इससे तौबा कर लेंगे.जी हां इस विषय पर शहर के नामी दंत चिकित्सक और आशीष दंत चिकित्सालय के एमडी डाॅ.आशीष सोनी ने एक रिसर्च पेपर तैयार किया है जिसे मंगलौर में आयोजित आईएसपी कांफ्रेस में प्रस्तुत कर चुके हैं जिस पर श्री सोनी को राष्ट्रीय स्तर पर अवार्ड भी मिल चुका हैं।
अपने शोध में डाॅ.सोनी ने बताया है कि गुड़ाखू को लाल मिट्टी, तम्बाकू, गुड़ से मिलाकर बनाते है और उसको महीनों सड़ाते है . जिससे दांत घिस जाते है और मसूड़े मे सूजन और इन्फेक्शन फ़ैल जाता है जिससे आगे जा के मरीज़ो को ओरल कैंसर भी हो सकता है अगर समय रहते इसका सही ईलाज नहीं कराने से ये जानलेवा भी साबित होता है। आगे डाॅ. सोनी ने बताया कि मंगला स्थित उनके चिकित्सालय में रोजाना आने वाले सैकड़ों मरीजों में आठ से दस ऐसे मरीज़ होते है जो गुड़ाखू करने की वजह से बीमार है। हालांकि समय रहते सही जगह पहुंच जाने से उन सभी का समुचित ईलाज किया जाता है,जिससे वे अभी पूरी तरीके से स्वस्थ हैं। डाॅ.आशीष सोनी लोगों से अपील भी करते हैं कि गुड़ाखू,पान-गुटखा जैसे नशे से दूर रहें ताकि आपका स्वास्थ्य बेहतर रहे। शहर में डॉक्टर आशीष सोनी का एक दन्त चिकित्सालय भी है जहाँ वह रोज़ ऐसे कई मरीज़ों का इलाज करते हैं और वह सभी को अपने दांतों का ख़ास ख्याल रखने की सलाह दते हैं।