छतरपुर. जिस दिन किसान अपनी फसल बेचकर जाए उस दिन से सात दिन के भीतर उसके खाते में उसकी फसल का भुगतान करने के निर्देश है, लेकिन जिले में कई किसानों को फसल बेचने के कई दिनों बाद भी भुगतान नहीं मिला। जिले की गेहूं खरीदी के किसानों के 11 करोड़ रूपए बकाया है। किसानों के भुगतान में हो रही लेटलतीफी के लिए जिला विपणन अधिकारी जिम्मेदार हैं। दरअसल विपणन अधिकारी राम तिवारी के द्वारा समय पर अनाज वेयर हाउस में नहीं पहुंचाया गया जो अनाज वेयर हाउस में जमा भी हो गया उसे भी पोर्टल पर दर्ज नहीं किया गया जिससे किसानों का भुगतान निर्धारित नहीं हो पा रहा है। इस मामले में कलेक्टर संदीप जीआर ने जिला विपणन अधिकारी को फटकार भी लगाई है।
ये है स्थिति
सरकार ने 20 मई तक जिले भर में विभिन्न सहकारी समितियों के माध्यम से 4448 किसानों से 3 लाख 17 हजार 54 क्विंटल गेहूं की खरीद की है। गेहूं की खरीदी तो पूर्ण हो चुकी है लेकिन अब भी गेहूं बेचने वाले किसानों के लगभग 11 करोड़ रूपए चुकाए जाने शेष हैं। इसी तरह अब तक जिले भर में चना, मसूर और सरसों की खरीदी 1 लाख 60 हजार 821 क्विंटल हुई है जिसका 86 करोड़ 52 लाख रूपए सरकार को देना था लेकिन अब तक 48 करोड़ 65 लाख रूपए ही चुकाया गया है। ऐसे में चना, मसूर और सरसों के किसानों को भी अभी सरकार को लगभग 38 करोड़ रूपए चुकाने हैं। जिला प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक अब तक सरकार के द्वारा गेहूं की कुल खरीदी की राशि 62 करोड़ 22 लाख में से लगभग 50 करोड़ 60 रूपए की राशि दी जा चुकी है जबकि अब भी 11 करोड़ 61 लाख 35 हजार 405 रूपए की राशि बकाया है।
सीएम के आने के पहले भुगतान देने की कोशिश
उल्लेखनीय है कि दो जून को मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान छतरपुर में आयोजित गौरव दिवस समारोह में शामिल हो रहे हैं। इस समारोह में शामिल होने आ रहे मुख्यमंत्री के समक्ष किसान या विपक्षी दल किसी प्रकार हंगामा न करें इसलिए जल्द से जल्द किसानों को भुगतान देने के लिए प्रशासन सक्रिय हो गया है। जब भुगतान के संबंध में एडीएम नम: शिवाय अरजरिया से बात की गई तो उन्होंने कहा कि गेहूं, चना, मसूर और सरसों सभी फसलों का भुगतान एक-दो दिन में करा दिया जाएगा। गौरतलब है कि सरकार के द्वारा समर्थन मूल्य पर प्रतिवर्ष की जाने वाली अनाज खरीदी की प्रक्रिया पूर्णत: की ओर है। सरकार ने गेहूं की खरीदी एक अप्रेल से प्रारंभ की थी जो 20 मई को खत्म हो चुकी है जबकि चना, सरसों, मसूर की खरीदी 25 मार्च से प्रारंभ हुई थी जो 31 मई तक चलेगी।