छतरपुर. कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत पठापुर रोड पर ११ मार्च को हुई गल्ला व्यापारी की हत्या के मामले का शनिवार को पुलिस कंट्रोल रूम में एसपी सचिन शर्मा ने खुलासा कर दिया। व्यापारी की हत्या उसी के मोहल्ले के तीन आवारा लड़कों ने की थी, जो व्यापारी के घर में चोरी की नियत से घुसे थे। चोरी के दौरान व्यापारी जाग गया और उसने लड़कों को पहचान लिया था जिस कारण से तीनों लड़कों ने एक राय होकर व्यापारी की चाकू व रॉड से हमला कर हत्या कर दी।
यह है मामला
11 मार्च को पठापुर रोड पर रहने वाले गल्ला व्यापारी धनप्रसाद पुत्र गुलाबचन्द्र जैन उम्र 58 वर्ष का शव उसी के घर में खून से लथपथ मिला था। मृतक के पुत्र आदर्श जैन की रिपोर्ट पर कोतवाली थाने में अज्ञात के विरुद्ध धारा 302, 457, 458 और 459 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। प्रकरण की विवेचना शुरु की जिसमें ज्ञात हुआ कि मृतक के घर से सोने के कंगन और कुछ नगदी भी गायब है। मामला चोरी के दौरान हत्या किए जाने का प्रतीत होने पर पुलिस ने इसी दिशा में अपनी पड़ताल को आगे बढ़ाया। विभिन्न पहलुओं की जांच और मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस को ज्ञात हुआ कि वारदात को मोहल्ले के ही तीन आवारा लड़कों ने अंजाम दिया है। संदेह के आधार पर पुलिस ने पठापुर रोड पर रहने वाले राजकुमार पुत्र रमेश अहिरवार उम्र 24 वर्ष, राजू पुत्र धर्मराज कुशवाहा उम्र 24 वर्ष और नीलू उर्फ नंदकिशोर पुत्र रामदास साहू उम्र 30 वर्ष को अभिरक्षा में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो तीनों ने चोरी और हत्या करने की बात स्वीकार कर ली।
लोहे के जाल को काटकर घुसे से थे अंदर
सीएसपी लोकेन्द्र सिंह ने बताया कि तीनों आरोपियों ने पूछताछ में बताया है कि वे 11 मार्च की रात को मृतक धनप्रसाद जैन के घर में छत पर लगे लोहे के जाल को काटकर अंदर दाखिल हुए और अलमारी में रखे सोने के कंगन तथा करीब 9 से 10 हजार की नगदी चोरी कर ली। इसी बीच धनप्रसाद जैन जाग गया और उसने तीनों चोरों को पहचान लिया जिसके बाद आरोपियों ने एक राय होकर धारदार चाकू तथा लोहे की रॉड से धनप्रसाद पर हमला कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त लोहे की रॉड, चाकू, खून से सने आरोपियों के कपड़ों के अलावा चोरी के कंगन तथा पैसे जब्त कर लिए हैं।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम में शामिल कोतवाली थाना प्रभारी अरविंद सिंह दांगी के अलावा अजाक टीआई अभिनव सिंह, उप निरीक्षक रवि उपाध्याय, देवेन्द्र यादव, डीडी शाक्य, शैलेन्द्र रावत, प्रधान आरक्षक राजेश पाठक, राजनारायण भट्ट, पवन बाल्मीकि, संदीप, आरक्षक प्रशांत यादव, रूपेश, कपेन्द्र घोष, आशीष खरे, विकास खरे, अजय मिश्रा, अनिल मांझी, प्रकाश, मानसिंह, सायबर टीम के उपनिरीक्षक सिद्धार्थ शर्मा, प्रधान आरक्षक किशोर, संदीप तोमर, आरक्षक राहुल भदौरिया, धर्मराज पटेल और यातायात थाने के प्रधान आरक्षक धर्मेन्द्र यादव की कार्यवाही म भूमिका रही।