दौसा. जिले में मंगलवार को मकर संक्रांति पर्व मनाया जाएगा। इसे लेकर बाजारों से लेकर घरों में उल्लास व उत्साह का माहौल है। मंगलवार को दौसा, लालसोट सहित विभिन्न शहरों व गांवों में जमकर पतंगबाजी की जाएगी। शहरवासी दिनभर छतों पर नजर आएंगे। वो काटा-वो मारा का शोर गूंजेगा। मकर संक्रांति पर पतंगबाजी के साथ दान-पुण्य की भी धूम रहेगी।
आसमां में हवा के साथ इठलाती पतंगों के कारोबार पर भी महंगाई का वार हुआ है। दरों में गत वर्ष की तुलना में करीब 15-20 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली है। इसके बावजूद पतंगबाजों का उत्साह कम नहीं हुआ है। रविवार को दुकानों पर खासी भीड़ देखी गई। मकर संक्रांति पर जिले में करीब डेढ़ करोड़ का कारोबार होने की उम्मीद है।
बाजारों में पतंग-डोर और मांझे की बिक्री भी जोरों पर है। युवाओं व बच्चों ने विभिन्न डिजाइनों की पतंग खरीदी। सोमवार को दिनभर छतों से वो काटा-वो मारा का शोर भी सुनाई दिया। आसमान में बड़ी संख्या में पतंगें उड़ती नजर आई। शहर के स्टेशन रोड, सुंदरदास मार्ग, पुराना शहर, मानगंज, आगरा रोड, सैंथल मोड़, लालसोट रोड आदि इलाकों में करीब 60 से अधिक पतंगों की दुकानें सजी हैं।
5 से 20 रुपए तक की पतंगों की मांग
बाजार में अधिकतर पांच रुपए से 20 रुपए तक की पतंगों की मांग अधिक है। पतंग व्यापारी हनुमान गुप्ता ने बताया कि 20 पतंगों का पैकेट 100 से 400 रुपए तक बिक रहा है। इसी तरह मांझे का चरखा भी 500 से 1500 रुपए तक मिल रहा है। डोर का गट्टा भी 80 से 100 रुपए तक बिक रहा है।
लालटेन और पटाखे की भी बिक्री
दिनभर पतंग उड़ाने के बाद शाम में लालटेन वाली पतंग उड़ाने और पटाखे भी फोड़े जाते हैं। आजकल इसका क्रेज बढ़ता जा रहा है। ऐसे में बाजारों में इनकी भी अच्छी बिक्री हो रही है। 300 से 1500 रुपए तक के आसमानी पटाखे बाजार में मिल रहे हैं।
बच्चों के लिए पन्नी की प्रिंटेड पतंगें
पतंगों की दुकानों पर बच्चों में कार्टून किरदारों की पन्नी वाली पतंगों का क्रेज देखा गया। वहीं युवा वर्ग कागज की अजमेरी, बोतलधारी, चांदधारी, आड़ा आदि पतंग लेते नजर आया। दौसा में बरेली, कानपुर, जयपुर आदि जगह से पतंगों का माल व्यापारी लेकर आए हैं।
फीणी और तिल के पकवानों की दुकानें सजी
मकर संक्रांति का त्योहार पतंगबाजी के साथ ही तिल के लडडू और फीणी की मिठास के बिना अधूरा है। बाजारों में संक्रांति पर कलपने के सामानों के साथ फीणी-तिल के लड्डूओं की जमकर बिक्री हो रही है। शहर में जगह-जगह अस्थाई दुकानें लगाई गई है। फीणी 200 से 700 रुपए किलो तक बिक रही है। वहीं तिल के लड्डू 200 से 350 रुपए किलो में बिक रहे हैं। गजक की विभिन्न वैरायटी दुकानों पर उपलब्ध है, जिसके दाम अलग—अलग हैं। दान-पुण्य के कंबल, हरा चारा सहित अन्य सामान भी लोग खरीद रहे हैं।