चुनाव पर चौकसी चार गुना… डीजीपी खुद उतरे फील्ड में
चुनाव आयोग भी करेगा आचार संहिता में सी-विजिल एप से निगरानी
इस बार का राजस्थान विधानसभा का चुनाव कई मायने में अभूतपूर्व होने जा रहा है। इस चुनाव में जहां पारदर्शिता के लिए संपूर्ण चुनाव वीवीपैट मशीन से होंगे वहीं, सुरक्षा भी अभूतपूर्व और अभेद्य रहेगी। चुनाव के दौरान सुरक्षा को लेकर पुलिस की सक्रियता का अंदाजा तो इसी बात से लगाया जा सकता है कि खुद पुलिस बेड़े के मुखिया डीजीपी ओपी गल्होत्रा इस समय पूरे राज्य में पुलिस तंत्र की चुस्ती का जायजा लेने में जुटे हैं।
गल्होत्रा इस बार स्वयं संभाग स्तर पर जाकर अफसरों से पुलिस की चौकसी और इंतजामों के बारे में जानकारी ले रहे हैं। यह पहली बार है जब राज्य में पुलिस महानिदेशक चुनाव से पूर्व फील्ड में जाकर सुरक्षा की समीक्षा कर रहे हैं। गल्होत्रा अपने दौरे में आईजी और एसपी स्तर के अधिकारियों के अलावा थानाधिकारियों से भी मिलकर जमीनी हालात का जायजा लेंगे।
चुनाव आयोग ने भी कसी कमर
मुख्य निर्वाचन अधिकारी आनंद कुमार ने कहा कि राज्य में विधानसभा चुनाव – 2018 में आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर कड़ी निगरानी रखने के लिए सी-विजिल एप महत्वपूर्ण घटक साबित होगा। इस एप के जरिए अब किसी भी शिकायत का समाधान सौ मिनट की अवधि में हो सकेगा।
तीन बार देनी होगी आपराधिक पृष्ठभूमि की जानकारी
कुमार ने गुरुवार को आकाशवाणी, जयपुर से प्रसारित फोन इन कार्यक्रम के माध्यम से कहा कि भारत निर्वाचन आयोग ने विधानसभा आम चुनाव के दौरान नामांकन दाखिल करने वाले सभी उम्मीदवारों को जानकारी देनी होगी कि उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामले तो दर्ज नहीं हैं। इसके अलावा ऐसे उम्मीदवारों को तीन बार प्रिंट-इलेक्ट्रोनिक मीडिया में इसकी जानकारी व्यापक स्तर पर प्रकाशित और प्रसारित करवानी होगी। साथ ही, संबंधित राजनैतिक दलों को अपनी वेबसाइट्स पर भी आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों की जानकारी साझा करनी होगी।
९ नवंबर से पहले नव मतदाता जुड़वा सकेंगे नाम
उन्होंने मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के बारे में विभिन्न श्रोताओं की ओर से पूछे गए सवालों के जवाब में बताया कि एक जनवरी 2018 को 18 वर्ष पूर्ण करने वाले सभी मतदाता अपना नाम नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 19 नवंबर से 10 दिन पूर्व तक अपने नाम जुड़वा सकेंगे। निर्वाचन आयोग ने इस चुनाव की थीम सुगम मतदान रखी है।