जयपुर। भगवान परशुराम जन्मोत्सव के तहत शहर में रविवार सुबह शस्त्र पूजन किया, अब शाम को शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसके साथ ही सर्व ब्राह्मण समाज की ओर से आज से शस्त्र पूजन दिवस भी शुरू हो रहा है। वहीं समस्त ब्राह्मण समाज, जयपुर की ओर से विद्याधर नगर के भगवान श्री परशुराम सर्किल से ध्वज शोभायात्रा निकाली जाएगी।
महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. सुरेश मिश्रा ने बताया कि आज शस्त्र पूजन कर शस्त्र पूजन दिवस की शुरुआत की गई, इसके तहत देशभर में शस्त्र पूजन किया जाएगा। महोत्सव के तहत 24 से 29 अप्रेल तक प्रदेश के जिलों में शोभायात्रा व वाहन रैलियां आयोजित की जाएगी। 30 अप्रेल को भगवान परशुराम जयंती समारोह के तहत जयपुर में ‘ब्राह्मण रत्न’ सम्मान समारोह का आयोजन रखा गया है। सम्मान समारोह में समाजसेवी, प्रशासनिक अधिकारी, साहित्यकार, व्यवसायी, चिकित्सा, शिक्षा शास्त्री सहित समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली लब्ध प्रतिष्ठित ब्राह्मण प्रतिभाओं को सम्मानित किया जायेगा।
ध्वज शोभायात्रा नारी और युवा शक्ति को समर्पित
समस्त ब्राह्मण समाज, जयपुर की ओर से विद्याधर नगर के भगवान श्री परशुराम सर्किल से रविवार शाम साढ़े 6 बजे निकलने वाली छठीं ध्वज शोभायात्रा नारी और युवा शक्ति को समर्पित होगी। इस बार ध्वज शोभायात्रा को ऐतिहासिक बनाने की पूरी तैयार की गई है। शोभायात्रा में पुरूष केसिरया कुर्ते में और मातृ शक्ति लाल रंग की साड़ी और बेटियां लाल सूट में नजर आएंगी। शाम छह बजे बैंडवादन और शंख-घंटा-घंडियाल की मधुर ध्वनि के बीच भगवान परशुरामजी की महाआरती की जाएगी। इसके बाद जयकारों के साथ शोभायात्रा मुरलीपुरा की ओर प्रस्थान करेगी। बड़ी संख्या में युवा भगवा झंडे लगे दुपहिया वाहनों पर सवार रहेंगे। उनके आगे हजारों की संख्या में महिला-पुरुष भी ध्वज थामे चलेंगे। मार्ग में जगह-जगह रंगीन आतिशबाजी होगी।
पुष्पवर्षा के साथ होगा स्वागत
शोभायात्रा में भगवान श्री परशुराम मुख्य रथ पर आशीर्वाद देते हुए नजर आएंगे। इसके अलावा ऊंट, हाथी, घोड़े, लवाजमा और बैंडवादक शोभायात्रा की शोभा बढ़ाएंगे। जगह-जगह पुष्प वर्षा के साथ शोभायात्रा का स्वागत किया जाएगा तथा भगवान परशुरामजी की आरती उतारी जाएगी। जगह-जगह स्टॉल पर खाने-पीने का इंतजाम रहेगा। शोभायात्रा अलका सिनेमाए रोड नंबर दो, लाल डिब्बा चौराहा मुरलीपुरा सर्किल, केडिया पैलेस चौराहा होते हुए रामेश्वर धाम के गौड़ विप्र समाज भवन पहुंचेगी। यहां आतिशबाजी और बैंडवादन के बीच आरती होगी। भंडारे के साथ शोभायात्रा का समापन होगा।