जयपुर. राज्य सरकार ने पहली दफा तो केंद्र सरकार को डीजीपी ( DGP ) चुनने के लिए पैनल भेजा और पहली ही बार पैनल लेट हो गया। पैनल आए बिना ही राज्य सरकार ने भारतीय पुलिस ( indian police ) सेवा के 1986 बैच के अफसर भूपेंद्र सिंह ( Bhupendra Singh ) को पुलिस विभाग का मुखिया बना दिया है।
दरअसल पैनल आने में देर हो सकता थी। इसलिए राज्य सरकार की ओर से यह कदम उठाया गया। जिससे प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की परेशानी न खड़ी होने पाए। डीजीपी भूपेन्द्र सिंह यादव राजस्थान पुलिस ( Rajasthan police ) के 33वें डीजीपी हैं। हांलाकि उनका कार्यकाल भी महज छ: महीने का ही रहने वाला है। वे इस साल के अंत में रिटायर ( Retire ) हो रहे हैं।
आज से डीजीपी भूपेन्द्र सिंह पुलिस मुख्यालय में अपना कामकाज संभालेंगे। कल पुलिस मुख्यालय ( Police headquarters ) के पुलिस अफसरों की पहली बैठक भी डीजीपी भूपेन्द्र सिंह लेंगे। उसके बाद सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों से भी उनके कामकाज का ब्यौरा लिया जाएगा।
उधर केंद्र सरकार को जिन सात अफसरों का पैनल भेजा गया था डीजीपी भूपेन्द्र का नाम उनमें सबसे ऊपर था। अब ऐसा माना जा रहा है कि आने वाले कुछ दिनों के बाद जब भी पैनल आएगा तो उस आधार पर जनवरी में नए डीजीपी को लगाया जाएगा। भूपेन्द्र सिंह के बाद अब आलोक त्रिपाठी का नाम सबसे ऊपर है।