मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए सीएम शिवराज सिंह चौहान साधु संतों की शरण में जा रहे हैं। विधानसभा चुनावों की घोषणा होने के साथ ही साधु संतों की सियासत भी शुरू हो गई है। कंप्यूटर बाबा ने शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आज कंप्यूटर बाबा इंदौर में शिवराज सिंह के खिलाफ साधु संतों का समागम करने जा रहे हैं। राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त कंप्यूटर बाबा ने एक अक्टूबर को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। कंप्यूटर बाबा आज के संत संमागन के बाद 30 अक्टूबर को ग्वालियर, 4 नवंबर को खंडवा, 11 नवंबर को रीवा, 23 नवंबर को जबलपुर में संतों के समागम में अपने मन की बात करेंगे. सोमवार को भोपाल में शिवराज सिंह चौहान के समर्थन में राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त स्वामी अखिलेश्वरानंद ने संत समागम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में मौजूद सभी साधु संतों ने सीएम शिवराज सरकार की तारिफ की। सभी साधुओं ने शिवराज सरकार को चौथी बार सत्ता वापसी का आशीर्वाद दिया। आपको बता दें कि मध्यप्रदेश की 230 विधानसभा सीटों में से तकरीबन 100 से ज्यादा सीटें किसी ना किसी महत्वपर्ण धार्मिक स्थल से जुड़ी हैं। मध्यप्रदेश की राजनीति में साधु संतों और धार्मिक स्थलों का बहुत ज्यादा प्रभाव है। पिछले तीन चुनावों में धार्मिक स्थलों से जुड़ी ज्यादातर सीटों पर भाजपा का कब्जा रहा है।