जयपुर। इंडियन साइकियाट्रिक सोसायटी के तत्वावधान में शनिवार को एक होटल में कार्यशाला का आयोजन किया गया। मनोचिकित्सकों के लिए आयोजित क्लीनिकल प्रैक्टिस गाइडलाइन्स कार्यशाला का उद्घाटन शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने किया। वर्तमान में मनोविकारों की बढ़ती संख्या पर चिंता जताते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि देश की जनसंख्या के सापेक्ष मनोचिकित्सकों की संख्या बेहद कम है। प्रति एक लाख पर भारत में 0.75 मनोचिकित्सक ही है। इस कारण मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित होते हुए भी बहुत से लोग इलाज नहीं करवा पाते। कार्यशाला में डॉ. शिव गौतम को भारतीय मनोचिकित्सा परिषद का अध्यक्ष मनोनीत किया गया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष क्लीनिकल प्रैक्टिस गाइडलाइन्स ‘मनोव्याधियों में बेहतर अनुभूति के लिए आंकलन व उपचार’ विषय पर बनाई जा रही है। कार्यशाला में 50 से अधिक चिकित्सकों ने शोध पत्र प्रस्तुत किए। डॉ. अमृत पत्तोंजोशी, डॉ. विहांग वाहिया, डॉ. देबादत्त महापात्रा, डॉ. संदीप ग्रोवर व डॉ. अलीम सिद्दीकी सहित देश के अन्य शहरों से आए मनोचिकित्सक मौजूद रहे। डॉ. अनिता गौतम ने बताया कि देशभर के चिकित्सकों ने इस कार्यशाला में भाग लेकर अपने शोध पत्रों को प्रस्तुत किया। सभी पर विचार विमर्श एवं मंथन के बाद जो निष्कर्ष निकलेगा, उसकी पुस्तक देशभर के मनोचित्सकों को इंडियन साइकियाट्रिक सोसाइटी द्वारा इंडियन जर्नल ऑफ़ साइकाइट्री के परिशिष्ट के रूप में भेजी जाएगी।