जयपुर। राजधानी में ही सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ अभियान खानापूर्ति बनता जा रहा है। दोनों नगर निगम पॉलीथिन जब्ती के नाम पर टीम गठित कर सिर्फ खानापूर्ति कर रही है। टीम के नाम पर भी सिर्फ दो से चार लोग बाजार में घूम रहे है, जो कुछ जगह निरीक्षण कर काम पूरा कर लेते है। नतीजा शहर में खुलेआम पॉलीथिन का उपयोग हो रहा है। जबकि पिछले साल एक जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर पूरी तरह पाबंदी लगी हुई है।
शहर में सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ अभियान पर गौर करें तो पिछले दो दिन में हैरिटेज नगर निगम ने कार्रवाई कर सिर्फ 30 किलो 500 ग्राम पॉलीथिन जब्त किया, वहीं एक लाख 32 हजार 800 रुपए कैरिगं चार्ज वसूल कर पाए। हालांकि कैरिंज चार्ज पॉलीथिन के अलावा गंदगी आदि का भी जुर्माना शामिल है। जबकि जयपुर ग्रेटर नगर निगम ने 70 किलो पॉलीथिन जब्त कर 92 हजार 800 रुपए कैरिंग चार्ज वसूल किया। जानकारों की मानें तो अभियान में बड़े अफसर रुचि नहीं ले रहे है। टीम के नाम पर सिर्फ दो—चार कर्मचारी लगा रखे है। ये कर्मचारी बाजार में जाकर कुछ दुकानों पर कार्रवाई कर लौट आते है।
अफसरों का तर्क….
— हैरिटेज निगम की स्वास्थ्य शाखा ने उपायुक्त आशीष कुमार ने बताया कि सिंगल यूज प्लास्टिक जब्ती अभियान के तहत दुकानदारों से जयपुर शहर को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए अपील की जा रही है। दुकानदारों से पाॅलीथिन के स्थान पर इकोफे्रंडली कपड़े व कागज की थेलियों का इस्तेमाल करने के लिए आग्रह किया जा रहा है। अभियान से व्यापारियों व आम जन में प्लास्टिक की थैलियों के स्थान पर कपड़े एवं कागज के थेलों का प्रचलन बढ़ा है।
— जयपुर ग्रेटर निगम उपायुक्त स्वास्थ्य मुकेश कुमार मूण्ड ने बताया कि सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर प्रतिबंध के संबंध में मैरिज गार्डन संचालकों के संगठन से प्रतिनिधियों को समझाईश की गई। जोन, वार्ड क्षेत्र में गठित टीम की ओर से पथ विक्रेताओं, फुटकर, थड़ी, समस्त दुकानदारों, सब्जी मण्डी, फल मण्डी, रेस्टोरेंट, होटल आदि स्थानों पर प्रतिबंधित प्लास्टिक कैरी बैग का उपयोग करने वालों समझाइश की जा रही है।