जबसे कोटा सांसद Om Birla लोकसभा अध्यक्ष बने है मानों loksabha की परिपाठी ही बदल गई. अक्सर उठा-पटक और हंगामे की भेंट चढ़ जाने वाले संसद में कामकाज तेज गति से चल रहा है. एक तरफ नए सांसदों को सदन में बोलने का पूरा मौका मिल रहा है वही बुलेट ट्रेन की रफ्तार बिल पास हो रहे है. बजट सत्र का न केवल समय बढ़ाया गया है, बल्कि देर रात तक काम कर बिलों को पास भी कराया जा रहा है.हाल में तीन अहम विधेयकों को दोनों सदनों में पास करवा कर सरकार ने साबित कर दिया है कि Rajya Sabha में बहुमत मिले बिना भी उसने विपक्ष के स्पीड ब्रेकर को पूरी तरह खत्म कर दिया है. हालांकि विपक्ष का आरोप है कि जिस तेज गति से सरकार बिल ला रही है, उन्हें बिल पढऩे तक का वक्त नहीं मिल रहा है. इन्हें जिस जल्दबाजी में पास राया जा रहा है, उसे अदालतों में चुनौती मिल सकती है जबकि सरकार का कहना है कि लोकसभा चुनाव के बाद लंबे समय के अंतराल में सत्र हुआ है इसलिए लंबित कामकाज को निपटाया जा रहा है.