जयपुर के शास्त्री नगर में हुई मासूम बच्चियों से दुष्कर्म के आरोपी सिकंदर उर्फ जीवाणु को सोमवार को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया. इस दौरान लोगों ने आरोपी से मारपीट कर दी. लोगों में गुस्सा इस कदर था कि पुलिस को बड़ी मुश्किल से उन्हें शांत करना पड़ा. वही दूसरी ओर जीवाणु के चेहरे पर जरा भी डर नहीं था. ना ही इस कृत्य को लेकर कोई पछतावा. इतना ही नहीं जीवाणु बिल्कुल निडर होकर कह रहा था कि जिन लोगों ने उसके बारे में पुलिस को सूचना दी है. जेल से निकलते ही मौत का कहर के रूप में जेल से निकलते ही टूट पड़ेगा और अपना बदला पूरा करेगा.
क्यों बढ़ रहा हैं बाल अपराध
बच्चे आसान टारगेट होते हैं
उन्हें ताकत के बल पर वश में करना और मजबूर कर देना आसान होता है
एक तरफ जहां बच्चों को उनसे साथ हुई हरकत को गुप्त रखने के लिए आसानी से धमकाया जा सकता है
वहीं उनमें से कुछ तो यह समझने लायक नहीं होते कि उनके साथ क्या ग़लत हुआ है
आज बाल यौन शोषण समस्या किसी राज्य या देश की समस्या ही नहीं अपितु ये पूरे विश्व की बड़ी समस्या बनकर उभर रही है. लेकिन भारत में ऐसे मामलों का लगातार बढ़ना गंभीर चिंता का विषय है. बैहतर संस्कारों और महिलाओं के सम्मान के लिए जाना जाने वाले भारत में क्यो ऐसी खतरनाक स्थितिया पनप रही है.
ऐसे रखे बच्चों का ध्यान
बच्चों से खुलकर बात करें
उनकी बात सुने और समझें
अभिभावक बच्चों के साथ हर वक्त नहीं रह सकते
इसलिए बच्चों को जागरूक करना जरूरी है
बच्चों को घर में परिवार और स्कूल में टीचर इस बारे में जागरूक करें
अगर बच्चा कुछ ऐसा बताता है तो उसे गंभीरता से लें
इस समस्या को हल करने की कोशिश करें
बच्चों को समझाएं कि अगर कोई उन्हें ग़लत तरह से छूता है
तो वो तुरंत इसका विरोध करें और माता-पिता को इस बारे में बताएं
पुलिस में बेझिझक शिकायत करें
बच्चों को ‘गुड टच-बैड टच’ के बारे में बताएं
बच्चों को बताएं कि किस तरह किसी का छूना ग़लत है