जयपुर। गांधी नगर स्थित कानोडिया कॉलेज के हिन्दी विभाग, राजस्थान ब्रजभाषा अकादमी, कला व संस्कृति विभाग की ओर से चल रही कृष्ण संगोष्ठी का मंगलवार को समापन हुआ। इससे पूर्व संगोष्ठी में श्रीकृष्ण के न्यायिक एवं राजनीतिक विमर्श विषयक सत्र में अध्यक्ष साहित्यकार और भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी मनोज कुमार शर्मा, मथुरा पीजी कॉलेज के डॉ. सुरेश कुमार मिश्र उपस्थित रहे। विषय विशेषज्ञ इंद्रप्रस्थ महाविद्यालय की प्रो. हर्षबाला ऑनलाइन जुड़ी, जिन्होंने अपने उद्बोधन की शुरुआत लोकगीत के साथ की और कृष्ण के लोक कल्याणकारी व्यक्तित्व पर विचार रखे। डॉ.सुरेश कुमार मिश्र ने वर्तमान परिप्रेक्ष्य में गीता की प्रासंगिकता बताई। मनोज कुमार शर्मा ने कहा कि गीता जीवन का आधार है। सत, रज, तम के अनुरूप हर व्यक्ति स्वयं का निर्माता स्वयं है।
डॉ. सरला शर्मा ने अपने वक्तव्य में कृष्ण के विभिन्न स्वरूपों का उल्लेख किया।प्रो. अशोक शर्मा ने श्री कृष्ण से प्रेरित योग साधना केंद्र की चर्चा की सत्र अध्यक्ष प्रो. उमेश होलानी जी ने प्रबंध के संदर्भ में श्रीकृष्ण की चर्चा करते हुए प्रबंध विज्ञान में विचार प्रस्तुत किए। मंच संचालन व_ल पारीक ने किया। देश के विभिन्न भागों से पधारे कवियों ने इस अवसर पर कविता पाठ किया। अंत में संगोष्ठी संयोजक डॉ. शीताभ शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किया।