
– पंजाब में इस बार हरी मटर का उत्पादन घटा
– राजस्थान में फसल में देरी के चलते महंगे बिक रहे मटर
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जयपुर। हरी-हरी यमी मटर हर किसी का मुंह ललचाती हैं, लेकिन इस बार महंगी मटर ने मटर का स्वाद बिगाड़ रखा है। मटर अभी आमजन की पहुंच से दूर बनी हुई है। जयपुर िस्थत मुहाना मंडी में आज भी मटर थोक में करीब 65 रुपए प्रति किलो तक बिकी। वहीं खुले बाजार में मटर के दाम आसमान पर हैं। खुले बाजार में मटर के दाम करीब 90 से 100 रुपए प्रति किलो तक बोले जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, मटर का पंजाब राज्य बड़ा उत्पादक है। इस बार वहां बारिश के चलते फसल कम है। इस कारण राज्य में आवक कम हो रही है। इसी कारण मटर के दाम ऊंचे चल रहे हैं। वहीं दूसरी ओर राजस्थान में मटर की फसल में अभी करीब 20 दिन की देरी है। इसी कारण मंडी में मटर महंगी बिक रही है।
मंडी में कारोबार कर रहे व्यापारियों ने बताया, इस बार सस्ती मटर मिलना मुश्किल है। इस सीजन में बारिश की वजह से मटर की फसल में खराबा है। इस कारण मटर महंगी बनी हुई। पंजाब जो कि मटर का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है। वहां इस बार फसल कम है। इसी कारण मंडियों में हरी मटर की आवक कम हो रही है। कम मटर आने से अभी तक मटर के दाम ऊंचे बने हुए हैं। व्यापारियों ने बताया, करीब 20 दिन बाद लोकल मटर शुरू होगी, तब ही कुछ भाव नीचे आने की उम्मीद है।
वर्जन
– इस वर्ष पंजाब में मटर की फसल खराब हो गई। इस कारण मटर महंगा है। अभी मंडी में मध्यप्रदेश से मटर बिक्री के लिए आ रहा है। इस कारण मटर के दाम ऊंचे बने हुए हैं। अभी थोक मंडी में मटर करीब 65 रुपए प्रति किलो तक बिक रहा है। इस बार मटर का बाजार नीचे आने की उम्मीद कम ही है। लोकल मटर भी अभी 15 से 20 दिन बाद आने की उम्मीद है। इस बार लोकल मटर की बुआई भी कम हुई है। इसलिए भावों में ज्यादा अंतर आने की संभावना नहीं है। इस बार मटर सस्ता होने की उम्मीद कम ही है।
– मनोज जैन, मटर कारोबारी, मुहाना मंडी, जयपुर
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– मटर इस बार इसलिए तेज है कि मटर का सबसे बड़ा उत्पादक पंजाब है। इस बार पंजाब में मटर की फसल बारिश की वजह से कम है। इस कारण मटर महंगी है। वहीं मध्य प्रदेश से थोड़ी बहुत मटर आ रही है। वैसे मध्यप्रदेश में होने वाला मटर महाराष्ट्र व गुजरात जाता है, लेकिन इस बार राजस्थान की पूर्ति कर रहा है। इस कारण दाम ऊंचे बने हुए हैं। शुरुआत में शिमला से मटर आता है। इसके बाद पंजाब से मटर शुरू होता है तो दाम नीचे आते हैं, लेकिन इस बार पंजाब में मटर की फसल पिट गई। इसलिए दाम ऊंचे बने हुए हैं। इस बार लोकल फसल की रिपोर्ट भी अच्छी नहीं है। कारण लगता नहीं है बाजार टूटेगा।
– इमरान कुरैशी, उपाध्यक्ष, जयपुर फल-सब्जी थोक विक्रेता संघ, मुहाना टर्मिनल मार्केट