जयपुर। वह दिन हवा हुए जब घर की मुर्गी को दाल बराबर कहा गया था। अब तो दाल भी महंगी हो चली और मुर्गी भी नाक का सवाल बनने लगी है। अनूपगढ़ की रावलामंडी के कॉलोनी के इस वाकये से तो ऐसा ही लगता है। यहां के वार्ड पांच में दो पड़ोसियों के बीच मुर्गे को लेकर हुए विवाद ने इतना तूल पकड़ा कि मामला पुलिस थाने तक पहुंच गया। आखिरकार पुलिस की दखल से मामला शांत हुआ।
हुआ यूं कि कस्बे के वार्ड नंबर पांच में मंगलवार सुबह आठ बजे मुर्गे ने पांच वर्षीय बालक अनमोल के मुंह पर चोंच मार मार कर जख्मी कर दिया। इस बात को लेकर जब बच्चे के परिजनों ने मुर्गा मालिक को उलाहना दिया तो विवाद बढ़ गया। इसके बाद बालक की दादी पुलिस थाने पहुंच गई और प्रार्थना पत्र देकर जानमाल की सुरक्षा एवं पड़ोसी को पाबंद करने की गुहार लगाई। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने दोनों पक्षों में समझाइश कर मामला शांत करवा दिया। इधर, थाना अ धिकारी बलवंत राम का कहना है कि पड़ोसी ने प्रार्थना पत्र दिया था। बीट अधिकारी को मौके पर भेजा गया था। मुर्गा मालिक व पडोसी के बीच समझाइश करवा दी गई। दूसरी और मुर्गें की मालकिन ने कहा कि जानवर अनबोल है पड़ोस का मामला था। बात थाने तक नहीं जानी चाहिए थी।
चोंच मारता है मुर्गा
बालक की दादी राजा देवी ने पुलिस थाने पहुंच कर प्रार्थना पत्र दिया। प्रार्थना पत्र में बताया है कि पड़ोसी ताराचंद का मुर्गा बच्चों को ही नहीं बल्कि पुरुष व महिलाओं को भी चोंच मारकर जख्मी कर देता है। मंगलवार को बच्चे गली में थे तभी उसने अनमोल को चोंच मार कर जख्मी कर दिया। इस बात का पडोसी को उलाहना दिया तो वह बदतमीजी पर उतर आया। पड़ोसी की पत्नी भागली देवी मारने के लिए लाठी ले आई और गुंडों से उठवा देने की धमकी भी दी।