
– राजधानी जयपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में बदला मौसम का मिजाज
जयपुर। प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। आज सवेरे राजधानी जयपुर में बादल छाए रहे। आज और कल राजधानी जयपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में बारिश के आसार हैं। बादल छाने के बाद थमी शीतलहर के कारण लोगों प्रदेश में पड़ रही कड़ाके की सर्दी से राहत की सांस ली। मौसम विभाग के अनुसार, मौसमी मंत्र में बदलाव के कारण अभी प्रदेश में एक दो-दिन मावठ के आसार हैं। इसके बाद प्रदेश में फिर से कड़ाके की सर्दी का दौर शुरू होगा।
जानकारी के अनुसार, राजस्थान में इस समय कड़ाके की ठंड पड़ रही है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में कोल्ड वेव और कोहरे का अलर्ट जारी किया है। ठंड के कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही है, खासकर स्कूल और ऑफिस जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कड़ाके की ठंड में सुबह-सुबह घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
आज भरतपुर, जयपुर संभाग के 11 जिलों में बादल छाए रहे। कहीं-कहीं हल्की बारिश भी हो सकती है। 26-27 दिसंबर को बारिश और ज्यादा तेज हो सकती है। इस दौरान कहीं-कहीं ओले गिरने की भी आशंका है। इस दौरान शीतलहर और कोहरे का असर अधिक रहेगा। इसके बाद से राज्य में सर्द हवा का प्रभाव कम होगा, जिससे सुबह-शाम की कड़ाके की सर्दी में थोड़ी राहत मिलेगी। अगले एक सप्ताह के दौरान कई शहरों में रात के न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। अधिकांश स्थानों पर न्यूनतम तापमान 8 से 14 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।
शनिवार को शीतलहर और कोहरे की स्थिति के कारण कई शहरों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। सीकर, जयपुर, पिलानी और अजमेर जैसे शहरों में न्यूनतम तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई। इसके अलावा आगामी दिनों में राज्य के कई हिस्सों में तापमान में और गिरावट की संभावना है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 25-26 दिसंबर से एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में असर दिखाएगा। जिसका प्रभाव राजस्थान पर भी पड़ेगा। इस विक्षोभ के कारण उत्तर से आने वाली सर्द हवाएं थम जाएंगी और पूर्वी हवाओं का प्रभाव बढ़ जाएगा। इस बदलाव के कारण तापमान में और गिरावट हो सकती है, जिससे सर्दी और बढ़ेगी।
मौसम विभाग के अनुसार दिसंबर के अंतिम सप्ताह में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है। जिसका असर राजस्थान के मौसम पर पड़ेगा। इस विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में बारिश की संभावना जताई जा रही है, जिससे तापमान में और गिरावट आएगी और ठंड बढ़ेगी। इसके साथ ही ठंड के स्तर में भी इजाफा होगा।