राज्यसभा सांसद डॉ किरोड़ी लाल मीणा को आज करौली पुलिस ने कुड़गाव थाने के बाहर रोक लिया जब वे मंडरायल फोर्ट में किशोरी का शव मिलने के मामले में दिए जा रहे धरने में शामिल होने जा रहे थे। पुलिस कार्रवाई पर नाराज़गी जताते हुए डॉ किरोड़ी लाल मीणा ने पुलिस पर तानाशाही के आरोप लगाए। वे कुड़गाव थाने के बाहर धरने पर बैठ गए।
गौरतलब है कि मंडरायल फोर्ट में किशोरी के शव मिलने के बाद से परिजनों और ग्रामीणों ने दोषियों को गिरफ्तारी की मांग को लेकर अस्पताल के बाहर धरना शुरू कर दिया गया था। इसी धरने में शामिल होने जा रहे राज्यसभा सदस्य डॉ किरोड़ी लाल मीणा को पुलिस ने कुड़गाव थाने के बाहर रोक लिया। इस दौरान किरोड़ी लाल के साथ उनके समर्थक भी मौजूद थे।
सांसद ने कहा कि मंडरायल, सपोटरा में सैनी समाज की बेटी के साथ गैंगरेप के बाद हत्या करना, स्थानीय विधायक, सरकार के मंत्री द्वारा डॉक्टर्स पर दबाव डालकर गैंगरेप की रिपोर्ट को बदलना, पीड़ित के परिवारजनों को धमकाना और प्रलोभन देना, ये कैसी न्याय व्यवस्था है मुखिया जी ? उन्होंने कहा कि जब तक इस करौली की बेटी को न्याय नहीं मिलेगा तब तक मेरा संघर्ष जारी रहेगा।