रियल एस्टेट सेक्टर का मानना है कि बजट में होम लोन पर टैक्स छूट की सीमा बढ़ने से उनकी मांग बनी रहेगी। इतना ही नहीं, छोटे और सस्ते मकान बनाने पर बिल्डर्स को भी कम से कम पांच साल के लिए इनकम टैक्स में छूट मिलनी चाहिए। परियोजनाओं की मंजूरी के लिए सिंगल वडो सिस्टम होना चाहिए और मकान बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल पर जीएसटी की दर को कम किया जाना चाहिए, ताकि मकान खरीदार को कीमत में राहत मिल सके। कोरोना काल के दौरान रियल एस्टेट सेक्टर का काम बिल्कुल ठप रहा। अब फिर से रियल एस्टेट सेक्टर में तेजी आई है, लेकिन पिछले चार-पांच महीनों से होम लोन ब्याज दर में बढ़ोतरी का सिलसिला शुरू हो गया है जिससे उन्हें अपनी बिक्री प्रभावित होने की आशंका है।