दोपहर बाद स्थानीय पार्षद गिर्राज प्रसाद शर्मा के नेतृत्व में महिलाएं और पुरुषों ने सहायक अभियंता कार्यालय पर ढाई घंटे तक उग्र प्रदर्शन किया और जमकर नारे लगाए। महिलाएं मटके लेकर पहुंचीं और पार्षद शर्मा व अन्य लोग घरों में आ रहे गंदे पानी से भरी बोतलें लेकर पहुंचे। सहायक अभियंता आर.सी. जांगिड़ भी वहां पहुंचे तो लोग उग्र हो गए और बोतल में भरे गंदे पानी को उन्हें पिलाने की कोशिश की।
जांगिड़ ने किसी तरह से वहां से भागकर खुद को अपने कमरे में बंद कर लिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा खुलवाया। पार्षद शर्मा जैसे ही सहायक अभियंता जांगिड़ के कक्ष में पहुंचे तो दोनों के बीच पुलिस के सामने ही तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। पुलिस ने मुश्किल से जांगिड और पार्षद शर्मा को शांत कराया और पेयजल समस्या के समाधान के लिए ज्ञापन दिलाया। सहायक अभियंता ने 15 दिन से घरों में आ रहे दूषित पानी की समस्या का समाधान करने और पर्याप्त प्रेशर से पानी की सप्लाई का आश्वासन दिया तब जाकर लोगों ने प्रदर्शन बंद किया।
इस मामले को लेकर सांगानेर अधिशासी अभियंता एन.के. वर्मा और सहायक अभियंता आर.सी. जांगिड़ को कई बार फोन किया लेकिन दोनों ने ही कोई जवाब नहीं दिया।
कई कॉलोनियों में 15 दिन से गंदा पानी आ रहा है। सहायक अभियंता को शिकायत दी थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की। ऐसे में घेराव और प्रदर्शन के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था।
गिर्राज शर्मा पार्षद-89