
जैसलमेर.
सत्ता संग्राम के बीच बुधवार को रेगिस्तान में रेत का बवंडर उठा। बालोतरा-बाड़मेर-जैसलमेर तक करीब 300 किमी क्षेत्र में शाम करीब 6.45 बजे एक साथ आसमान में रेत का बवंडर उठता दिखाई दिया। काली-पीली आंधी ने आसमान से जमीन तक अंधेरा फैला दिया और पांच-सात फीट की दूरी तक कुछ भी नहीं दिखाई दे रहा था। करीब आधे घंटे तक आसमान से जमीन के बीच गर्द ही गर्द थी। उत्तर दिशा की तरफ से बढ़ा ये बवंडर बड़ी तेजी से पश्चिम में उन होटलों की तरफ बढ़ा, जहां बाड़ेबंदी में गहलोत समर्थक विधायक हैं।
दूसरी ओर विधायकों की तनोट यात्रा स्थगित
जैसलमेर के दो होटलों में रह रहे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समर्थक मंत्रियों-विधायकों की तनोट यात्रा का कार्यक्रम बुधवार को स्थगित कर दिया गया। विधायकों को अपराह्न बाद 3 बजे जैसलमेर से सीमावर्ती तनोटराय मंदिर में दर्शन के लिए जाना था। बुधवार सुबह इस संबंध में सभी तैयारियों को पूरा किए जाने के बाद यात्रा कार्यक्रम स्थगित किया गया। यात्रा क्यों स्थगित की गई, इसको लेकर किसी नेता ने औपचारिक तौर पर कुछ भी नहीं कहा, लेकिन यही माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के जैसलमेर आगमन में देरी हो जाने के चलते कार्यक्रम स्थगित किया गया।
जानकारी के अनुसार तीन बसों में विधायकों को तनोट ले जाया जाना था। इसके लिए लग्जरी बसों की बुकिंग की जा चुकी थी। जिला प्रशासन व पुलिस के साथ सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों ने भी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया था। मंत्री हरीश चौधरी और शाले मोहम्मद ने यात्रा स्थगित होने की पुष्टि की।
