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तिब्बती मृग के बालों से निर्मित शॉल व स्टॉल का निर्यात, CBI ने छापे मारे

- कस्टम विभाग की शिकायत पर सीबीआइ ने दर्ज की एफआइआर- जैसलमेर में फर्म के ठिकानों पर दबिश व तलाशी, 23 शॉल व स्टॉल जब्त

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जोधपुर।
जैसलमेर में तिब्बती मृग के बालों से निर्मित शॉल व स्टॉल का विदेश में निर्यात किया जा रहा है। सीमा शुल्क विभाग, नई दिल्ली की शिकायत के आधार पर सीबीआइ ने कम्पनी के संचालकों पर एफआइआर दर्ज की और जैसलमेर में कम्पनी के ठिकानों पर छापे मारकर 23 शॉल व स्टॉल जब्त किए।
सीबीआइ सूत्रों के अनुसार जैसलमेर की मैसर्स लग्जरी हैण्डीक्राफ्टस के खिलाफ जीव, वन्यजीव संरक्ष्ण अधिनियम के तहत एफआइआर दर्ज की गई है। इसी के सिलसिले में सीबीआइ की एक टीम ने जैसलमेर में फर्म के ठिकानों पर छापे मारे। तलाशी के दौरान तिब्बती मृग के बालों से निर्मित 23 शॉल व स्टॉल जब्त किए गए। जांच की जा रही है।
कस्टम विभाग की सूचना पर कार्रवाई
गत दिनों नई दिल्ली के सीमा शुल्क विभाग को तिब्बती मृग के बालों से निर्मित शॉल व स्टॉल के निर्यात होने की सूचना मिली। जैसलमेर की कम्पनी की ओर से शहतूश व चिरू तिब्बती मृग के गार्ड हेयर बाल से शॉल व स्टॉल बनाए जाते हैं। जिन्हें विदेश में निर्यात किया जाता है। तिब्बती मृग जीव व वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत एक संरक्षित वन्यजीव है। जांच के दौरान पुष्टि होने पर सीबीआइ ने एफआइआर दर्ज कर जांच शुरू की।