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पांव पकड़कर मासूम चीखता रहा, ‘भइया-भइया, पापा को मत मारो, लेकिन आरोपी नहीं पसीजे

- लाडले पुत्र के इंतजार में पथराईं मां की आंखें, शव देख बिलखने लगी

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जोधपुर/धुंधाड़ा.
पारिवारिक विवाद के चलते रोहिचा खुर्द गांव में तीन भाइयों व एक बहन के हमले में जान गंवाने से पहले मासूम गणपत चचेरे भाइयों के पांव पकड़कर पिता की जान की दुहाई मांगता रहा। उसने आरोपियों के पांव तक पकड़े व कहा, ‘भइया भइया, पापा को मत मारो। पिता ने जान बचाने के लिए भागने का प्रयास किया तो आरोपी पकडऩे पीछे भागे थे। मासूम पुत्र ने भागकर आरोपियों के पांव तक पकड़ लिए और गिड़गिड़ाता रहा। आरोपियों पर तो भूत सवार था। उनका दिल नहीं पसीजा और उन्होंने कुल्हाड़ी व लगिए से मासूम के सिर पर वार कर दिया। उसकी पुकार शांत हो गई।

हत्याकाण्ड से रोहिचा खुर्द गांव में सनसनी फैल गई। हर कोई ग्रामीण आरोपियों के खूनी मंजर पर अचंभित है। बेंगलुरु जाने के लिए सामान पैक कर रहे सांवलाराम के घर चचेरे भाइयों ने हमला कर दिया था। उसके बेंगलुरु जाना अधर में रह गया और लाडला पुत्र अपनों की ही हत्या का शिकार हो गया।
हमले में चोटिल होने वाली मां बेसुध होकर लाडले पुत्र के सकुशल घर लौटने का इंतजार करती रही। उसकी आंखें लाल हो गईं। उसके उम्मीद थी कि पुत्र सकुशल घर आएगा। छोटा पुत्र आयुष भी घर में छाए कोहराम को कोने में दुबककर देख रहा था। वह भी इतना डरा सहमा था कि बड़े भाई गणपत को याद कर आंखों से आंसू निकल रहे थे।

पत्नी की हत्या का आरोपी है आरोपियों का पिता
एसीपी मांगीलाल का कहना है कि आरोपियों की मां की वर्ष 2016 में हत्या कर दी गई थी। पिता पर ही पत्नी की हत्या का आरोप लगाया गया था। पिता को गिरफ्तार किया गया था।

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