जोधपुर.
बनाड़ थाना पुलिस ने जिला विशेष टीम (डीएसटी) के सहयोग से देवलिया गांव के पास मोटरसाइकिल सवार ज्वैलर से मारपीट कर सात लाख रुपए व सौ ग्राम सोना लूटने का खुलासा कर सोमवार को चार युवकों को गिरफ्तार किया। दो अन्य पकड़ में नहीं आ पाए हैं। पकड़ में आने वाला एक पड़ोसी भी है। जिसने एक अन्य युवक के साथ कर्जा उतारने के लिए लूट की साजिश रची थी।
पुलिस उपायुक्त (पूर्व) भुवन भूषण यादव ने बताया कि गत २१ जनवरी की शाम मूलत: डांगियावास हाल नांदड़ी के बुधनगर निवासी ज्वैलर ताराचंद सोनी से देवलिया गांव के पास ७ लाख ५ हजार रुपए व सौ ग्राम सोना लूट लिया गया था। इस मामले में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (पूर्व) भागचंद मीना व सहायक पुलिस आयुक्त (मण्डोर) राजेन्द्र प्रसाद दिवाकर के निर्देशन में थानाधिकारी सीताराम खोजा व डीएसटी प्रभारी एसआइ दिनेश डांगी व एएसआइ पुखराज ने लुटेरों की पहचान की। अलग-अलग जगहों पर दबिशों के बाद डांगियावास में सुथारों की ढाणी निवासी रमेश पुत्र भूराराम सुथार, पीपाड़ा शहर थानान्तर्गत रामड़ावास खुर्द निवासी श्रवणराम पुत्र मानाराम मेघवाल, मूलत: रामड़ावास खुर्द हाल डांगियावास थानान्तर्गत रामनगर के राहरों की ढाणी निवासी सुनील पुत्र हप्पाराम मेघवाल और खातियासनी गांव निवासी ओमाराम पुत्र रामचन्द्र जाट को गिरफ्तार किया गया। भुण्डाणा व रामड़ावास निवासी दो अन्य युवकों की तलाश की जा रही है। सुनील व दो फरार आरोपियों ने लूट की थी। अन्य तीनों साजिश में सहयोगी थे।
कार्रवाई में एसआइ नरपतसिंह, साइबर सैल के एएसआइ राकेशसिंह, कांस्टेबल राजेन्द्र सिलारी, हनुमानसिंह बेनीवाल, ओमाराम, देवाराम, जयराम व इन्द्रा भी शामिल थे।
ज्वैलर के सामने रहने से चुना टार्गेट
एसीपी (मण्डोर) राजेन्द्र दिवाकर ने बताया कि आरोपी रमेश सुथार व ओमाराम मित्र हैं। दोनों पर कर्जा है। कमाई का कोई साधन भी नहीं है। एेसे में दोनों ने बड़ा हाथ मारने की साजिश रची थी। इसके लिए दोनों ने श्रवण व सुनील और दो अन्य युवकों को शामिल किया था। ज्वैलर ताराचंद व रमेश आमने-सामने रहते हैं। ज्वैलर के घर से आने-जाने के बारे में रमेश को पता था। उसे यह भी पता था कि ज्वैलर के पास बड़ी राशि व सोना-चांदी भी रहता है। इसलिए उसे सबसे पहले निशाना बनाया गया था।
रैकी के बाद लूट, तकनीक से पकड़ा
थानाधिकारी सीताराम खोजा ने बताया कि टार्गेट तय करने के बाद आरोपियों ने ज्वैलर का पीछा कर रैकी की थी। इसी से वारदात का समय तय किया गया था। चेहरे पर कपड़े बांध तीन युवक मोटरसाइकिल से ज्वैलर का पीछा कर देवलिया तक पहुंचे थे, जहां ज्वैलर को रोककर लूट कर भाग गए थे। मोबाइल तकनीक व सीसीटीवी फुटेज से लुटेरों की पहचान की गई थी।