
कन्नौज. कलेक्ट्रेट परिसर में एक परिवार भूख हड़ताल कर धरने पर बैठ गया। जानकारी मिलते ही प्रशासन में हड़कम्प मच गया। आनन-फानन में महिला पुलिस के साथ मौके पर पुलिस फ़ोर्स पहुंच गया। धरना दे रहे परिवार के लोग अपने बेटे की हत्या के मामले में सदर कोतवाली पुलिस पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। धरने पर बैठे लोगों ने मामले की जांच क्राइम ब्रांच से कराने की गुहार लगाई है।
कन्नौज के कोतवाली तिर्वा क्षेत्र के ग्राम अटारा निस्फ निवासी एक परिवार कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचा और बेटे के हत्यारों को गिरफ्तार कर भेजने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गया। धरने पर बैठे लोगों की माने तो 29 अप्रैल को बाइस वर्षीय सत्यभान की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। हत्यारोपियों ने शव को पेड़ पर लटका दिया था। उसकी तहरीर पर गांव के अनिल, अरुण व अतुल पर सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने हत्यारोपियों को गिरफ्तार भी किया। 20 दिन बाद रुपये लेकर तीनों को छोड़ दिया। तब से हत्यारोपी परिवार को बराबर जान-माल की धमकी दे रहे हैं। पुलिस उन्हें गिरफ्तार भी नहीं कर रही है। स्थानीय पुलिस से भरोसा उठ चुका है। मामले की जांच क्राइम ब्रांच से कराई जाए। न्याय न मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी दी।
पुलिस के इस कारनामे ने खड़े किये सवाल
पुलिस ने हत्यारोपी अनिल, अरुण व अतुल को मुकदमा लिखने के बाद उन्हें एक साथ गिरफ्तार नहीं किया। पुलिस ने सबसे पहले अनिल को उठाया। इससे करीब 20 से 22 दिन तक हवालात में बंद रखा। बाद में अनिल को छोड़ दिया और अरुण को पकड़ लिया। इसे भी 10 दिनों तक हवालात में रखा। इसके बाद अरुण को छोड़ दिया और अतुल को पकड़ लिया। इसे भी 10 से 12 दिनों तक पकड़े रखा। इसके बाद उसे भी छोड़ दिया। आखिर पुलिस ने उन्हें एक साथ क्यों नहीं पकड़ा और फिर जब पकड़ा तो उन्हें बाद में क्यों छोड़ दिया गया। इस बीच पुलिस किन बिन्दुओ पर जांच करती रही और बाद में ऐसा क्या हो गया जो सभी आरोपी छोड़ दिए गए। इसमें पुलिस की भूमिका संदिग्ध नजर आई। पीड़ित परिवार ने पुलिस पर लाखों रुपये लेकर आरोपियों को छोड़ने का आरोप लगाया है।
क्राइम ब्रांच करे जांच
आरोप है कि पुलिस ने हत्या के मामले में नामजद अनिल, अनुज को कई दिनों तक हिरासत में रखने के बाद मोटी रकम लेकर छोड दिया। इससे विवेचना में हेरफेर की पूरी संभावना है और कोतवाली पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है। मामले को लेकर कलेक्ट्रेट में भूख हडताल पर बैठे परिवार के लोगों ने मांग की कि उपरोक्त हत्याकाण्ड की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी जाए और जल्द से जल्द हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। मामले में लापरवाही बरतने वाले दोषी पुलिस कर्मियों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही किए जाने की मांग की गई।
भूख हडताल पर रहे यह लोग
डेढ़ महीने से भटक रहे परिवार के लोगों ने मृतक सत्यभान की मौत के जिम्मेदारों को सजा दिलाने की मांग को लेकर मां रीता देवी, पिता हरिभान सिंह, बहन राधना, पुष्पा के अलावा रामवीर, रघुनन्दन, जयद्रथ सिंह, शिवमंगल सिंह, रामनरेश, भाई सत्यजीत, आराधना, सुमन, सावित्री, जयदेवी, अनुसुइया, सरोज, उर्वशी, रन्नो, मुन्नी देवी सहित करीब दो दर्जन लोग भूख हडताल पर बैठ गए। जिन्हें जिलाधिकारी रवीन्द्र कुमार ने न्याय का भरोसा दिलाते हुए सांत्वना दी।
डीएम ने दिया आश्वासन
मृतक सत्यभान के परिजन मामले की जांच क्राइम ब्रांच से करवाना चाहते हैं, ताकि मामले का सही खुलासा हो सके और दोषियों को सजा मिले। जिलाधिकारी रवीन्द्र कुमार ने आश्वासन देते हुए क्राइम ब्रांच से जांच कराने के लिए पुलिस अधीक्षक से वार्ता की। उन्होंने कहा कि परिजनों की संतुष्टि के लिए उनकी इच्छा के अनुरूप जांच अधिकारी परिवर्तित कर मामले की पूरी जांच कराई जाएगी, यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कडी कार्यवाही की जाएगी।