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क्लास रूम से अचानक छह बच्चे लापता, खुदकुशी की अफवाह से हड़कंप मचा

किदवईनगर थानाक्षेत्र का मामला, शिकायत की डर के चलते स्कूल से भागे बच्चे, 4 घंटे के बाद बरामद।

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कानपुर। किइवईनगर थानाक्षेत्र स्थित एक प्राईवेट स्कूल के कक्षा पांच के छह बच्चे अचानक क्लास रूम से लापता हो जाने से हड़कंप मच गया। पूरे परिसर में बच्चों की तलाशी ली गई, लेकिन उनका पता नहीं चला तो पुलिस के साथ अभिभावकों को सूचना देकर बुलाया गया। इसी बीच सोशल मीडिया में बच्चों के सुसाइड की अफवाह से परिजन परेशान हो गए। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो पता चला कि सभी बच्चे एक साथ स्कूल से बाहर निकले हैं। पुलिस ने सघन तलाशी अभियान चलाया और करीब चार घंटे के बाद सभी बच्चे सकुशल मिल गए।

तो दी जानकारी
किदवई नगर थाना क्षेत्र स्थित एन ब्लॉक में विरेंद्र स्वरूप एजुकेशन सेंटर स्कूल है। यहां पर हरदिन की तरह दोपहर के दो बजे स्कूल की छुट्टी हुई। वैन में दो बच्चे बैठ गए, लेकिन छह बच्चे नदारत मिले। चालक ने तत्काल इसकी जानकारी स्कूल प्रशासन को दी। आनन-फानन में स्कूल परिसर पर तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन उनका कहीं अता-पता नहीं चला। स्कूल प्रशासन ने फोन के जरिए बच्चों के अभिभावकों को पूरे प्रकरण से अवगत कराया। अभिभावक स्कूल आ गए और हंगामा करने लगे। मामला बड़ता देख स्कूल प्रबंधक ने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस मौके पर पहुंची और लापता बच्चों को खोजने के लिए जुट गई।

इस वजह से भागे
स्कूल की प्रिंसीपल प्रीति पोद्दार के मुताबिक बच्चे 5 वीं क्लास में पढ़ने वाले छात्र सक्षम श्रीवास्तव , श्रेया शर्मा , सात्विक पांडेय , अनुषा मेघा वर्मा , विहान सिंह , विदुषी सभी आपस में दोस्त हैं । क्लास टीचर मिसेस जोसेफ क्लास में बच्चो को पढ़ा रही थी । इसी दौरान ये बच्चे आपस में एक दूसरे को लेटर दे रहें थे । ये लेटर जब टीचर के हाथ लग गया। क्लास टीचर ने इन बच्चो की शिकायत पैरेंट्स से करने को कहा था । जिसकी वहज से बच्चे डरे सहमे थे और इसी के कारण वह छुट्टी होने से पहले स्कूल से भाग खड़े हुए।

खुदकुशी की अफवाह
स्कूल में पूछताछ के दौरान जब डांटे जाने की बात सामने आई तो अभिभावकों में बच्चों के खुदकुशी करने की बात को लेकर घबराहट हो गई। इस बीच किसी ने सोशल मीडिया पर छह बच्चों के खुदकशी करने की अफवाह फैला दी। इसके बाद पुलिस ने गंगा बैराज समेत सभी जगह अलर्ट भी कर दिया। लेकिन पूरी पुष्टि के बाद एसपी साउथ ने खुदकशी जैसी बात से इंकार करते हुए बच्चों के अभिभावकों को समझाकर शांत कराया था।

सीसीटीवी में दिखे बच्चे
छह बच्चों के लापता होने की खबर से अलाधिकारी भी एक्शन में आ गए और एसपी रवीना त्यागी खुद मौके पर गई। उन्होंने स्कूल में लगे सीसीटीवी खंगाले तो उसमें बच्चे 01ः55 बजे स्कूल के गेट से निकलते हुए दिख रहे थे। इसके बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों में सघन चेकिंग अभियान चलाया। वाहनों को रोक कर चेक किया गया, पर बच्चों का कहीं सुराग नहीं मिला। इसी बीच अभिभावकों ने हंगामा शुरू कर दिया। स्कूल प्रशासन और पुलिस के समझाने के बाद वो शान्त हुए।

अवस्थी जी लेकर आए स्कूल
यशोदा नगर से गुजर रहे रामेंद्र अवस्थी ने देखा कि विरेंद्र स्वरूप की यूरिफार्म पहने हुए एक साथ 6 बच्चे खड़े है । दरसल रामेंद्र अवस्थी का बेटा भी इसी स्कूल में पढ़ता है । उन्हे इस बात की जानकारी थी कि स्कूल की छुट्टी के बाद 6 बच्चे घर नहीं पहुंचे है और मिसिंग है । बच्चो को देखते ही वो उनके पास पहुंचे और एक बच्चे से उसके पिता का मोबाईल नंबर लिया । उन्होने बच्चे के पिता को बताया कि बच्चे यशोदा नगर के हरेरामा हरे कृष्णा गेस्ट हाउॅस के पास पंचर की दुकान की पास खड़े है । इस सूचना के बाद बच्चो के पैरेंट्स और पुलिस पहुंची और बच्चो को स्कूल लेकर आई ।

डर के चलते नहीं गए घर
मामले पर एसपी रवीना त्यागी ने बताया कि सभी बच्चे सकुशल मिल गए हैं। पूछताछ के दौरान बच्चों ने बताया कि टीचर ने हमारी शिकायत पैरेंट्स से किए जाने की धमकी दी थी। जिससे हम डर गए और छुट्टी के बाद घर नहीं जाने का प्लान बनाया था। एसपी ने स्कूल के प्रिंसिपल से कहा कि छोटे बच्चों को टीचर डराने के बजाए उन्हें प्यार से समझाएं। वहीं प्रिंसिबल ने सभी टीचरों से कहा है कि बच्चों के बजाए उनके माता-पिता से बात कर शिक्षा के बारे में जानकारी दें।