
हिण्डौनसिटी. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर करीब 8 वर्ष बाद हुए दी बार काउंसिल ऑफ राजस्थान, जोधपुर के चुनाव में अधिवक्ताओं ने खूब उत्साह दिखाया। बुधवार को हुए मतदान में हिण्डौन अभिभाषक संघ के पोलिंग बूथ पर काउंसिल सदस्य चुनने के लिए 88.54 प्रतिशत वकीलों ने मतदान किया।
मतदान केंद्र के अतिरिक्त पोलिंग अधिकारी अधिवक्ता शांतिलाल करसौलिया ने बताया कि न्यायालय परिसर में स्थापित बूथ पर सुबह आठ बजे से शाम 5 बजे तक मतदान किया गया। न्याय पालिका व राज्य सरकार की संयुक्त निगरानी में हुए चुनाव के लिए सुबह पर्यवेक्षक उपखंड अधिकारी हेमराज गुर्जर की मौजूदगी में सुबह जोधपुर से आए मोहरबंद बैलेट पेपर के लिफाफों को वीडियोग्राफी कराते हुए खोला गया।
मतदान को लेकर सुबह से ही वकीलों में पक्ष के सदस्य सुनने के प्रति उत्साह देखा गया। जयपुर व जोधपुर से सदस्य पद के प्रत्याशी अपने परिचित वकीलों के जरिए मतदान के माहौल की जानकारी लेते रहे। अभिभाषक संघ में पंजीकृत 192 में से 170 अधिवक्ताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। इनमें महिला अधिवक्ताओं की भी भागीदारी रही। जबकि 22 अधिवक्ता मतदान करने नहीं आए।
मतदान केन्द्र के बाहर अनावश्यक लोगों को रोकने के लिए रस्सियों से बेरीकेड्स लगाए गए। साथ रही नियंत्रित संख्या में मतदान केंद्र में लोगों की प्रवेश व्यवस्था के लिए पुसिलकर्मी तैनात रहे। गौरतलब है कि बार काउंसिल के 25 पदों में से 23 सदस्यों के लिए हो रहे चुनाव में 234 प्रत्याशी हैं। जबकि 2 सदस्य पदों का मनोनयन से भरा लाएग। काउंसिल में 5 पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
एक वोट में लगे 15 मिनट
बीसीआर (बार काउंसिल आफ राजस्थान) के चुनाव में मतदान के करने पहुंचे कई वकील तो मेगा मतपत्र देख कर चौक गए। कुल 234 प्रत्याशियों की लम्बी सूची होने मतपत्र की लम्बाई 4 फीट थी। ऐसे में उसे फोल्ड का बॉक्स में डालने के लिए एक कार्मिक लगाया गया। मतदान करने पहुंचे अधिवक्ता छबि शर्मा व हेमा ने मेगा मतपत्र देखा तो खुद की लम्बाई के समान था। मतदाताओं को भी 234 प्रत्याशियों में से अपनी पसंद के 23 चुनने में 10-15 मिनट का समय लगा। ऐसे में बूथ पर पांच मतदान टेबलें लगाई गई।