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दर्जनों महिलाओं के साथ ऑपरेशन में बरती गई गंभीर लापरवाही, परिजन भी हुए हताश-निराश, देखें वीडियो

जिला अस्पताल में लापरवाही का एक बार फिर बड़ा नमूना शनिवार को सामने आया है। परिवार नियोजन के तहत नसबंदी कराने पहुंची महिलाओं को स्वास्थ्य विभाग की अव्यवस्था का दंश झेलना पड़ा। ऑपरेशन के तुरंत बाद महिलाओं को पैदल चलाना व भरी आवाजाही के बीच महिलाओं को ऑपरेशन के बाद खुले में लिटाया गया। अस्पताल प्रबंधन की यह कारगुजारी को देखकर लोग हैरान रह गए।

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Balmeek Pandey

Dec 01, 2019

कटनी. जिला अस्पताल में लापरवाही का एक बार फिर बड़ा नमूना शनिवार को सामने आया है। परिवार नियोजन के तहत नसबंदी कराने पहुंची महिलाओं को स्वास्थ्य विभाग की अव्यवस्था का दंश झेलना पड़ा। ऑपरेशन के तुरंत बाद महिलाओं को पैदल चलाना व भरी आवाजाही के बीच महिलाओं को ऑपरेशन के बाद खुले में लिटाया गया। अस्पताल प्रबंधन की यह कारगुजारी को देखकर लोग हैरान रह गए। कई लोगों ने आपत्ति भी दर्ज कराई। लोगों का कहना था कि ऑपरेशन में यह बेपरवाही निंदनीय है। ताज्जुब की बात तो यह है कि कैंप के लिए हजारों रुपए की राशि सरकार से मिलती है, बावजूद इसके शिविर अव्यवस्था की भेंट चढ़ रहे हैं। शनिवार को जिला अस्पताल में कन्हवारा 44, कटनी के पांच व रीठी के तीन हितग्राहियों का नसबंदी ऑपरेशन कैंप में किए गया। जबकि एक शिविर में 30 का ही ऑपरेशन होना है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग दो कैंप मानकर ऑपरेशन करने का दावा कर रहा है। बता दें कि महिलाओं को धर्मशाला में पट्टी में बिठाकर बेहोशी का इंजेक्शन दे दिया गया। यहां पर महिलाएं कई घंटे तक एक-दूसरे के ऊपर गिरती-पड़ती रहीं। इसके बाद दोपहर में ताबड़तोड़ ऑपरेशन शुरू हुआ। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व आशा घसीटते हुए महिलाओं को पहले तो ऑपरेशन थियेटर तक लेकर पहुंचीं, इसके बाद वहां से ऑपरेशन कराने के बाद बरामदे में लिटा दिया गया, जहां पर कचरते हुए कूंदते फांदते हुए मरीज व परिजन अस्पताल के आते-जाते रहे। शिविर में कोई अधिकारी झांकने तक नहीं पहुंचा।

दर्जनों महिलाओं के साथ ऑपरेशन में बरती गई गंभीर लापरवाही, परिजन भी हुए हताश-निराश, देखें वीडियो
IMAGE CREDIT: patrika

नहीं थी कोई व्यवस्था
शिविर में लापरवाही का नजारा हैरान करने वाला था। महिलाओं को एक दरी में ठंडे फर्श पर और कुछ को टेंट के गद्दों में लिटा दिया गया। उन्हें न तो बैडशीट और ना ही कंबल नसीब हुए। ठंड से महिलाएं ठिठुरती रहीं। परिजन साल व गमछे से किसी तरह बचाव का प्रयास करते रहे। इस शिविर में डॉक्टर, प्रेरक, हितग्राही सहित अन्य कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि दी जा रही है, नियम के मुताबिक ऑपरेशन के तत्काल बाद कमसे कम एक घंटे के लिए आराम बेहद आवश्यक है। बावजूद इसके लापरवाही बरती जा रही है। हितग्राहियों की जान से खुला खिलवाड़ किया जा रहा है।

 

Negligence with women in sterilization operation
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लापरवाही से हो सकता है बड़ा नुकसान
– तत्काल पैदलाने से टांके खुलने का डर।
– टांके खुलने पर हितग्राही में संक्रमण का खतरा।
– एनिसथीसिया के कारण बेहोश होकर गिरने का डर।
– हितग्राही के गिरने से चोटिल होने की संभावना।
– ठंड लगने से बीमार होने का खतरा।

 

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इनका कहना है
एक-दो दिन से स्टॉफ की कमी थी। स्टॉफ जबलपुर परिवार कल्याण की में बैठक चला गया है। आगे आयोजित होने वाले शिविरों में समस्या न हो इस बात का ध्यान रखा जाएगा। हितग्राही के लिए व्यवस्थाएं भी जुटाई जाएंगी।
डॉ. एसके निगम, सीएमएचओ।