खरगोन.
मप्र के खरगोन जिले के आदिवासी क्षेत्र झिरन्या में अंधविश्वास के चलते एक युवती की मौत हो गई। इंदिरा कॉलोनी निवासी आशा पिता राजू खतवासे (17) को शुक्रवार सांप ने डंस लिया था। जिसे आनन-फानन में परिजन झिरन्या के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले गए। यहां डॉक्टरों ने युवती को खरगोन रेफर किया। लेकिन परिजनों ने जाने से मना कर दिया और ओझा को बुलाकर करीब दो घंटे तक झाड़-फूंक कराते रहे। इस कारण युवती की जान चली गई। मृतका के भाई सुरेश ने बताया कि सुबह आशा घर पर साफ सफाई कर रही थीं। इसी दौरान पलंग के नीचे बिल में छुपा सांप अचानक बाहर निकाला और आशा को डंस लिया। अस्पताल में तबीयत बिगडऩे पर युवती को खरगोन ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई।
परिजनों का आरोप-समय पर नहीं मिली एंबुलेंस
सुरेश का आरोप है कि अगर समय से एंबुलेंस अस्पताल में उपलब्ध होती तो बहन की जान बच सकती थी। सोशल मीडिया पर भी घटना को लेकर लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। शासकीय अस्पताल झिरन्या में जिम्मेदारों की लापरवाही से आदिवासी परिवार की बच्ची की हुई मौत। घटना को लेकर पीडि़त परिवार और आदिवासी समाज ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। घटना से आक्रोशित होकर परिजन एवं मोहल्ले की महिलाओं एवं पुरुषों ने करीब आधे घंटे तक चक्काजाम किया।
तांत्रिक को बुला कराया झाड़-फूंक
झिरन्या बीएमओ डॉ. सुनील चौहान ने बताया कि युवती को जो उपचार देना था, वह स्टॉफ ने दिया। बाद में जब तबीयत बिगडऩे लगी तो हमने परिजनों को खरगोन जाने की सलाह दी। लेकिन वह नहीं मानें और ओझा (तांत्रिक) को बुलाक झाड़-फूंक कराने लगे। अस्पताल में ही एक से डेढ़ घंटे तक तंत्र-मंत्र क्रिया हुई। लेकिन जब तबीयत ज्यादा खराब हुई, तो परिजन युवती को लेकर खरगोन के लिए रवाना हुए।