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Video-झिरन्या क्षेत्र में आया बाघ हुआ आदमखोर, पहले ग्रामीण अब गाय का शिकार

महाराष्ट्र के यावल सेंचुरी के जंगल में टाइगर का बसेरा, शिकार की तलाश में खेतों का किया रुख, ग्रामीणों में खौफ का माहौल, राजस्व, वन विभाग की टीम कर रही सर्चिंग

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खरगोन

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Hemant Jat

Mar 10, 2023

खरगोन.
जिले के झिरन्या क्षेत्र के चिरिया वन रेंज में बुधवार को बाघ देखे जाने के बाद पूरे इलाके में दशहत का माहौल है। यह पहला मौका है, जब क्षेत्र में बाघ देखा गया। अभी तक हमारे जंगलों में तेंदुआं, लकड़बग्घा सहित अन्य जंगली जानवर नजर आते थे। बुधवार को ग्राम गवला के संतोष भास्करे को पंजा मार कर घायल कर दिया। जिसे गंभीर हालत में खंडवा सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। गुरुवार को उसकी इंदौर ले जाते समय रास्ते में संतोष की मौत हो गई। उधर, शुक्रवार को फिर से बाघ ने आभापुरी क्षेत्र में एक गाय का शिकार कर उसे मार दिया। क्षेत्र में अब बाघ को लेकर दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि आदमखोर अब किसी पर भी हमला कर सकता है। डीएफओ प्रशांतसिंह ने पुष्टि की। क्षेत्र में एक भी बाघ नहीं, महाराष्ट्र में बसेरा
डीएफओ के मुताबिक मप्र में एक भी बाघ नहीं है। सतपुड़ा पहाड़ी क्षेत्र में भी अब इतने पेड़ व जंगल नहीं बचा है। जहां बाघ रह सके। झिरन्या से करीब 20 किमी दूर महाराष्ट्र का यावल सेंचुरी इलाका शुरू होता है। महाराष्ट्र में बाघों का बसेरा है। संभावना है कि शिकार की तलाश में भटकते हुए बाघ आया है। बुधवार को अंबाडोचर से खुशालिया के बीच खेतों में देखा गया। जिसके बाद ग्रामीणों की भीड़ लग गई। करीब 10 दिन पहले बुरहानपुर के नावड़ा रेंज भी बाघ ने एक ग्रामीण पर हमला कर उसकी जान ले ली थी।

अनुमति नहीं, पिंजरा लेकर पीछे-पीछे घुम रहे अधिकारी

बाघ के क्षेत्र में आने की सूचना पर बुधवार को इंदौर से रेस्क्यू टीम भी पहुंच चुकी है। हालांकि बाघ को पकडऩे की अनुमति नहीं मिल पाई है। जिससे दो दिन से वन विभाग की टीम और रेस्क्यू करने आए कर्मचारी भी पिंजरा लेकर पीछे-पीछे घुम रहे हैं। यहां बाघ को पकडऩे के लिए रालामंडल इंदौर की टीम दो दिन से डटी हुई हैं।

ग्रामीणों को रात में अकेले न जाने की सलाह

तहसीलदार जगन प्रसाद सौर ने बताया की राजस्व विभाग के क्षेत्र में टाइगर देखा गया था। जिसकी सूचना हमें पटवारी के जरिए प्राप्त हुई थीं। बुधवार 9 बजे से रात 8 बजे तक में वही मौजूद था। लोगों को रात में ना निकलने और खेतों में अकेले ना जाने की सलाह दी गई है। प्रशासन की पूरी टीम क्षेत्र में लगातार नजर बनाए हुए हैं। जुलाई 2022 में वन विभाग की नर्सरी के पास जंगली जानवर देखा गया था। ग्रामीण रुमालसिंह भाई ने बताया था गुरुवार को पहली बार बाघ देखा गया। बाईखेड़ा के राहुल डुडवे ने बताया था रात 8.30 बजे झिरन्या से लौटने के दौरान सड़क से 25 फीट दूर टाइगर जैसे जानवर को उन्होंने देखा। घबराहट में उसे देखकर भाग निकला।

दो टीमें कर रही सर्चिंग

पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र से बाघ के चिरिया रेंज में आने की सूचना मिली थी। हमले में घायल युवक की मौत हुई है। परिजनों को नियमानुसार सरकारी मदद दी जाएगी। अलग-अलग टीमें सर्चिंग कर रही है।

प्रशांत सिंह, डीएफओ खरगोन