खरगोन.
चैत्र शुल्क पड़वा यानी बुधवार से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो रही है। 30 मार्च तक यह पर्व मनाया जाएगा। इस बीच 24 मार्च यानी शुक्रवार को गणगौर माता पाट बैठेगी। बाडिय़ों के पट खुलेंगे। श्रद्धालु माता के दर्शन कर जवारों को अपने घर ले जाएंगे। पर्व को लेकर खरगोन बाजार में भी रौनक बढ़ी है। आभूषणों सहित कपड़ों की खरीदी जमकर की जा रही है। गुरुवार को भी बाजार भीड़ से गुलजार रहा। सराफा बाजार में पैर रखने जितनी जगह नहीं मिली।
उधर, नवरात्रि को लेकर शहर के विभिन्न माता मंदिरों में तैयारियां पूरी हो चुकी है। मंदिर आकर्षक विद्युत सज्जा से दमक उठे। ब्राह्मणपुरी में स्थित बाघेश्वरी माता में विशेष अनुष्ठान होंगे। उक्त मंदिर में स्वामित्व पुजारी परिवार द्वारा वर्षों से चारों नवरात्रि पर्व मनाया जा रहा है। पंडित जगदीश ठाकर ने बताया चैत्र शुक्ल पड़वा तिथि से पितामह ब्रह्मा ने सृष्टि निर्माण शुरू किया था। 2 हजार 80 वर्ष पूर्व इसी दिन सम्राट विक्रमादित्य ने विजय प्राप्त की थी। इसे चिरस्थाई बनाने के लिए विक्रम संवत प्रारम्भ किया था। गुड़ी पड़वा के दिन नीम के कोमल पत्ते, काली मिर्च, नमक, हींग, जीरा, मिश्री और अजवाइन मिलाकर खाना चाहिए। इससे रुधिर विकार नहीं होता है।
माता मंदिरों में होंगे विशेष अनुष्ठान
चैत्र नवरात्र को लेकर माता मंदिरों में तैयारियां की जा रही है। मंदिर समिति और पुजारियों ने बताया मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया है। नौ दिन तक मां दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा होगी। कुंदा नदी तट स्थित कालिका माता मंदिर में भी आयोजन होंगे। पंडित सुशील अत्रे ने बताया सुबह 8 बजे व रात्रि 9 बजे माता महाकाली की आरती की जाएगी।
यह मंदिर होते है आस्था के केंद्र
चैत्र नवरात्रि में जमींदार मोहल्ला स्थित हिंग्लाज माता मंदिर, ब्राह्मणपुरी स्थित शीतला माता मंदिर, जवाहर मार्ग स्थित छटी माता मंदिर, सराफा बाजार स्थित बाकी माता मंदिर, कुंदा नदी तट स्थित मोटी माता मंदिर सहित ऊन स्थित सिद्ध क्षेत्र महालक्ष्मी मंदिर, सेगांव स्थित श्रीलालबाई फुलबाई माता मंदिरों में नवरात्र के पूरे 9 दिन दर्शनार्थ भक्तों का तांता लगा रहता है।