खरगोन.
जिले में शनिवार को बिन मौसम बरसात हुई है। भीकनगांव क्षेत्र के अंबाडोचर क्षेत्र में आसमान से बारिश के साथ ओले भी गिरे हैं। खरगोन से लगे ग्राम देवली और झिरन्या क्षेत्र के आभापुरी में भी मौसम खराब रहा। बेसीजन हुई बारिश ने रबी सीजन के गेहंू, चने की उपज को प्रभावित किया है। किसानों ने कहा- इससे उत्पादन घटेगा।
अरब सागर की नमी का असर जिले के मौसम पर शनिवार को देखा गया। भीकनगांव क्षेत्र में दोपहर बाद तेज हवाओं व बारिश के साथ चना आकार के ओले गिरे। खरगोन से लगे देवली और झिरन्या क्षेत्र के आभापुरी में भी बारिश हुई। मौसम में आए इस बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ाई है। गेहंू, चने की उपज पककर तैयार है। ऐसे में ओले गिरने, बारिश होने व हवाएं चलने से नुकसान होगा। भीकनगांव, झिरन्या क्षेत्र के अंबाडोचर गांव में तेज हवा आंधी के साथ ओले गिरे हैं। इसके अलावा कहीं बुदावादी तो कहीं तेज हवा के साथ बारिश हुई। कुछ देर बात ओले गिरे। जिससे किसानो को काफी नुकसान पहुंच रहा है। किसान जनीस पुनासीया ने बताया क्षेत्र में हुई बारिश व ओले गिरने से कटी हुई फसलों को नुकसान पहुंचा है। तेज हवा आंधी से कई इलाकों में फसल जमीन पर बिछ गई है।
देवली में बंूदांबांदी हुई
शहर व आसपास के क्षेत्र में दोपहर 1 बजे से ही बादल छाने लगे थे। शाम करीब 4.30 बजे समीमपस्थ ग्राम देवली में हवाएं चली और बारिश हुई। किसान दशरथ राठौड़ ने बताया बारिश ज्यादा देर तक नहीं चली लेकिन किसानों के बीच भागमभाग जरूर मची। कुछ किसानों ने चने काट लिए हैं। उसको सुरक्षित करने के लिए तिरपाल का सहारा लिया गया। किसानों ने बताया एनवक्त पर मौसम का यह बदलाव ठीक नहीं है। यदि ऐसे में बारिश होती है तो रबी सीजन की बोवनी से मिलने वाली आस पर पानी फिरेगा। मौसम में बदलाव के बाद भी तापमान में कोई खास अंतर नहीं आया। शनिवार को अधिकतम तापमान 35.4 व न्यूनतम 16.0 दर्ज किया गया।
आभापुरी में हुई बारिश, नुकसान की आशंका
झिरन्या/आभापुरी. झिरन्या, आभापुरी क्षेत्र में शनिवार दोपहर तीन बजे अचानक मौसम बदला। बारिश हुई। कहीं तेज हवाएं चली है। राह चलते लोगों ने बारिश से बचने के लिए दुकानों के बाहर टीन का सहारा लिया। मौसम में आए इस बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ाई। ईंट भट्टा संचालकों ने बताया बारिश तेज हुई तो नुकसान होगा।