खरगोन.
डेढ़ लाख आबादी क्षेत्र को चौबीस घंटे पानी देने का सपना अब भी अधूरा है। छह साल बित चुके हैं लेकिन जलाधर्वन का काम पूरा नहीं हो पाया। अब भी शहर में तीसरे दिन पानी वितरण किया जा रहा है। शहर में होने रहे पेयजल वितरण और सीवरेज के पानी की शुद्धता परखने व प्रक्रिया को समझने के लिए संतोषी माता मंदिर स्थित वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट और इंटेकवेल का जायजा लिया। वे आनंद नगर स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निरीक्षण करने भी पहुंचे। वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट से शहर में वितरण होने वाले पानी की शुद्धता देखी और प्रतिदिन सप्लाई होने वाले पानी का ब्योरा लिया। आनंद नगर स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को लेकर कहा- शुद्धता का ध्यान रखे। पानी को मानकों के अनुरूप शुद्ध कर नदी में छोड़े। फिलहाल यहां पानी का ट्रीटमेंट होने के बाद उसे ईंट भट्टे वाले उपयोग में लेतेे हैं और शेष पानी नदी में छोड़ा जा रहा है।
निरीक्षण के लिए सबसे पहले कलेक्टर संतोषी माता मंदिर स्थित वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट और इंटेकवेल पहुंचे। यहां जल को शुद्ध करने की प्रक्रिया और शहर के प्रतिदिन जल वितरण की जानकारी अफसरों से ली। प्लांट पर कलेक्टर को लेब टेक्नीशियन ने उनके सामने जल शुद्ध करके दिखाया। अफसरों ने बताया रोजाना 6 एमएलडी पानी का शुद्धिकरण कर वितरित किया जाता है। कलेक्टर वर्मा ने शहर की जनसंख्या के हिसाब से प्रति व्यक्ति को कितना जल देते हैं यह भी पूछा। इस दौरान एसडीएम ओएन सिंह, नपा सीएमओ प्रियंका पटेल एमपीयूडीसी के अधिकारी मौजूद रहे।
सीवरेज को ट्रीट करके स्नेह वाटिका को सिंचित करेगा
आनंद नगर स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पानी का ट्रीटमेंट होने के बाद उनके उपयोग की जानकारी ली। सीएमओ पटेल ने बताया अभी ईंट भट्टे वाले ले जा रहे हैं। पाइप लाइन करके इसे केंद्रीय विद्यालय के सामने स्थित स्नेह वाटिका में पौधों सिंचित करने की योजना बताई।
शुद्धता को लेकर उठाए सवाल
हालांकि जिस समय कलेक्टर ने क्लीन वॉटर टैंक का अवलोकन किया उस समय जल की शुद्धता नहीं होने पर प्रश्न खड़े किए। साथ यह कहा कि अभी 5 एमएलडी प्रतिदिन ट्रीट होने वाले जल का उपयोग नहीं हो रहा है और नदी में छोड़ा जा रहा है। इसका उपचार शीघ्र करें।
अभी ऐसी है पेयजल व्यवस्था
-50 मिनट वितरण तीसरे दिन
-19 एमएलडी पानी रोज
-04 टंकियां से पानी सप्लाई
-18500 कनेक्शन
-85 हेंडपंप चालू
-80 ट्यूबवेल चालू
-35 कुओं में पानी
-1.50 लाख आबादी क्षेत्र