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200 करोड़ का मालिक सहीराम का ड्रामा..सीने में दर्द की शिकायत, अस्पताल में भर्ती

एसीबी के हत्थे चढ़ा सही राम मीणा की तबीयत बिगड़ी एमबीएस अस्पताल में करवाया भर्ती..खान महाघूसकांड के बाद प्रदेश में एसीबी की यह दूसरी सबसे बड़ी कार्रवाई

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कोटा

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Suraksha Rajora

Jan 28, 2019

कोटा. एसीबी के हत्थे चढ़ा सही राम मीणा की सोमवार तबीयत बिगड़ने से एमबीएस अस्पताल में भर्ती करवाया । जयपुर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान में नारकोटिक्स के एडिशनल कमिश्रर सहीराम मीणा को कोटा में सरकारी आवास पर एक लाख रुपए की रिश्वत लेते दबोचा था । कोटा दफ्तर में गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को इमानदारी का पाठ पढ़ाने वाले सहीराम को एसीबी ने 20 मिनट बाद ही धर दबोचा।

 

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दलाल कमलेश धाकड़ को भी गिरफ्तार किया है। जयपुर आवास पर बंद लिफाफों में करीब 2.35 करोड़ रुपए की रकम और बड़ी संख्या में अचल सम्पत्ति व बैंक खातों के दस्तावेज मिले। सहीराम और उसके परिजनों के पास 106 भूखंड भी मिले। बताया जाता है कि सहीराम की कुल संपत्ति 200 करोड़ रुपए है। मीणा और कमलेश को रविवार को कोर्ट में पेश करने पर एक दिन के रिमांड पर सौंपा। सहीराम सवाईमाधोपुर के जीवली का निवासी है। वह छह माह बाद ही सेवानिवृत्त होने वाला है।

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एसीबी के डीजी डॉ. आलोक त्रिपाठी ने बताया कि सहीराम ने चित्तौडगढ़़ के कनेरा गांव के कमलेश के पिता को क्षेत्र में अफीम पट्टों का मुखिया बनाने की एवज में पांच लाख रुपए रिश्वत मांगी।
शनिवार को कमलेश एक लाख रुपए लेकर उसके आवास पर पहुंचा। जहां पहले से तैयार जयपुर व कोटा की एसीबी टीमों ने छापा मार दिया। एसीबी ने दोनों के फोन सर्विलांस पर रखकर यह कार्रवाई की।

 

कुत्तों को काबू कर घुसी टीम
एसीबी की टीम जयपुर आवास पर शनिवार सुबह करीब दस बजे पहुंची। यहां दो पालतू कुत्तों ने टीम को बंगले में घुसने से रोका। हालांकि टीम के सदस्यों ने बिस्किट खिलाकर ट्रेनर के जरिए कुत्तों को एक कमरे में बंद करवा दिया। बंगले में पुत्रवधु विजयलक्ष्मी मिलीं। उन्होंने एसीबी टीम का परिचय पत्र देखा और फिर अंदर प्रवेश करने दिया। टीम ने सहीराम मीणा के बेटे मनीष को भी घर पर बुला लिया।

 

दोनों दलों से मांग रहा था टिकट


एसीबी अधिकारियों ने बताया, सहीराम के रिश्तेदार राजनीति में हैं। विधायक भी रह चुके। सहीराम कांग्रेस-भाजपा से विधानसभा का टिकट मांग रहा था। टिकट नहीं मिलने पर लोकसभा में दोनों दलों से टिकट लेने की फिराक में था।

 


खान महाघूसकांड के बाद बड़ी कार्रवाई


खान महाघूसकांड के बाद प्रदेश में एसीबी की यह दूसरी सबसे बड़ी कार्रवाई है। त्रिपाठी ने बताया कि शनिवार सुबह 10 बजे से देर रात ढाई बजे तक एसीबी टीम संपत्ति की तस्दीक में जुटी रही। 25 दुकानों के दस्तावेज, वाटिका रोड पर प्रेम पैराडाइज मैरिज गार्डन, सीतापुरा में एक पेट्रोल पंप, चाकसू के पास 5 बीघा कृषि भूमि, 4 बड़े ट्रक, चार कार, मुम्बई में एक फ्लैट, दिल्ली में बसंत कुंज सेक्टर छह और सात में दो फ्लैट, गणपति प्लाजा में एक दुकान, एमजी टायर फर्म के दस्तावेज, स्वामी विवेकानंद एजुकेशन सोसायटी के रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज मिले हैं।