2 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कोटा

कायस्थ समाज ने देश की आजादी में दिया योगदान, आजादी के बाद भी दे रहे

कोटा. भारत की पुरातन संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में कायस्थ समाज का अहम योगदान रहा है। समाज की युवा पीढ़ी भी सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति समर्पित है। वे अपनी बुद्धि, कर्म, कौशल और ज्ञान के साथ देश की प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह बात लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रविवार को कायस्थ समाज के युवक-युवती परिचय सम्मेलन में कही।

Google source verification

कोटा

image

Hemant Sharma

Jan 08, 2024

कोटा. भारत की पुरातन संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में कायस्थ समाज का अहम योगदान रहा है। समाज की युवा पीढ़ी भी सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति समर्पित है। वे अपनी बुद्धि, कर्म, कौशल और ज्ञान के साथ देश की प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह बात लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रविवार को कायस्थ समाज के युवक-युवती परिचय सम्मेलन में कही।

मानपुरा बारां रोड िस्थत तुलसी रिसोर्ट में अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बिरला ने कहा कि आजादी के आंदोलन से स्वाधीनता के बाद राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में अहम योगदान रहा है। समाज ने देश को अनेक ऐसी विभूतियां दीं, जिन्होंने राजनीति, शिक्षा, अध्यात्म, कला, खेल सहित अनेक क्षेत्रों में देश को गौरवान्वित किया।

उन्होंने कहा के सेवा, समर्पण और मानव कल्याण के क्षेत्र में भी कायस्थ समाज प्रशंसनीय कार्य कर रहा है। देश की उन्नति में कायस्थबंधु सक्रिय सहभागी हैं। कार्यक्रम में कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा ने कहा कि कायस्थ समाज का इतिहास गौरवशाली है। समाज के लोगों ने शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां प्राप्त की हैं, इसी कारण उनका समाज में एक विशेष सम्मान है। कार्यक्रम को अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री विश्वमोहन कुलश्रेष्ठ ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में कोटा उत्तर विधायक शांति धारीवाल भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि परिचय सम्मेलन में जोड़ों को आपस में रूबरू होने का अवसर मिलता है। समाज का सम्मेलन एक अच्छी पहल है।

कुछ शरमाए, कुछ ने बेबाकी से दिया परिचय

महासभा के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप माथुर ने बताया कि सम्मेलन में 1200 से अधिक पंजीयन हुए एवं 17 चित्रांश विभूतियों को सम्मानित किया गया। अतिथियों ने कार्यक्रम की स्मारिका “कायस्थ बंधन” का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में डॉक्टर, इंजीनियर, आईटी क्षेत्र, राजकीय व निजी सेवा में सेवारत युवक-युवती के बायोडाटा सम्मिलित हुए। राष्ट्रीय महामंत्री विश्वमोहन कुलश्रेष्ठ ने समाज के बारे में बताया और कहा कि सेवा, समर्पण और मानव कल्याण के क्षेत्र में भी कायस्थ समाज प्रशंसनीय कार्य कर रहा है। दक्षिण भारत से आए रवि पिल्लई ने समाज की एकता के लिए ऐसे आयोजनों जरूरी बताया।

विधुर-विधवा ने भी दिया परिचय

प्रदेश संगठन सचिव नीरज कुलश्रेष्ठ व जिला अध्यक्ष विनोद सक्सेना ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान कुण्डली मिलान व्यवस्था की गई। विधुर-विधवा भी मंच से अपना परिचय दिया। कोरोना काल में समाज के जिन लोगों की जोडि़यां टूट गई थी, उन्हें पुर्नविवाह के लिए प्रेरित करने के लिए मंच दिया गया था।

किया सम्मान

जिला महामंत्री कमल कुलश्रेष्ठ ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्यों के लिए अरविंद सक्सेना, डॉ. संगीता सक्सेना मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल, शहर एसपी शरद चौधरी, आशु रानी सहाय, शोभा माथुर, पंकज श्रीवास्तव, डाॅ. शिल्पा सक्सेना, राजीव सक्सेना, सुधांशु माथुर, एनडी माथुर, धीर जौहरी, संजीव श्रीवास्तव, रेणु श्रीवास्तव, स्नेहा श्रीवास्तव और दीपांशु माथुर का सम्मान किया। पूर्व पार्षद राममोहन मित्रा व पार्षद चेतना माथुर ने बताया कि भगवान चित्रगुप्त की आकर्षक झांकी सजाई। कार्यक्रम में जिला महामंत्री कमल कुलश्रेष्ठ, राष्ट्रीय महामंत्री विष्णु विभोर कुलश्रेष्ठ, राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष मेघना श्रीवास्तव, जिला अध्यक्ष युवा नितिन नरेश भटनागर, संभागीय अध्यक्ष महिला नैना सक्सेना, जिला अध्यक्ष महिला अनिता माथुर उपस्थित रही।