कोटा. गुमानपुरा में पांच दिन पहले २० लाख व 35 तोले सोने की जेवरों की चोरी की वारदात को एक व्यापारी ने व्यापार में घाटा होने के बाद एक साथी के साथ मिलकर अंजाम दिया था। चोरी की वारदात से दो दिन पहले ही वह रमेश के घर में अलमारी में रखे जेवरात व नकदी देखकर आया था।
इसके बाद ही उसने चोरी का मन बना लिया तथा मप्र निवासी एक साथी के रैकी की। २२ जून को जब सभी परिजन घर से बाहर गए। उसने वारदात को अंजाम दे डाला। चोर बाइक पर रमेश के घर के थैले में ही रुपए व जेवर चुराकर ले गए। इस थैले ने रमेश व पुलिस की पहचान का काम आसान बना दिया।
पुलिस उप अधीक्षक संजय शर्मा ने बताया कि २२ जून को गुमानपुरा मोदी हाउस के पीछे रहने वाले रमेश कुमार गोकलानी(६०) ने बताया कि वह उसकी पत्नी के साथ दोपहर में निजी चिकित्सालय में डायलिसिस करवाने गया था। इस दौरान उसका पुत्र कुन्हाड़ी चला गया। दोपहर करीब ३ बजे जब उसने घर में आकर देखा तो उसके घर का ताला टूटा हुआ था।
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अलमारी में रखे २० लाख रुपए, ३५ तोला जेवर गायब हो चुके थे। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक दीपक भार्गव ने दो विशेष टीमों का गठन कर आरोपियों की तलाश शुरू करवा दी। शहर के विभिन्न थानाक्षेत्रों में नाकाबंदी भी करवाई गई। एक टीम संजय शर्मा व दूसरी टीम साइबर सेल की गठित की गई।
टीम ने राज्य में इस प्रकार की वारदातों का डाटा एकत्र किया, वहीं साइबर सेल ने सीसीटीवी फुटेज जुटाई। घटनास्थल के आसपास रूके व्यक्तियों का डाटा भी एकत्र किया गया। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज व चोरी के सामान के लिए रमेश के घर से ले जाया गया थैले के आधार पर आरोपी की पहचान कर ली।
पहले ही पुलिस की पड़ताल में आरोपी पर पुलिस को शक हो गया। इस पर पुलिस ने सबूत एकत्र किए तो सभी की कडि़यां जुड़ती चली गई और पुलिस ने गुरुवार को आरोपी बजरंग नगर निवासी कपिल आहुजा (२९) व उसके सहयोगी केसर सिंह तंवर (२०) को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से २० लाख रुपए व करीब १० तौले सोने के जेवर बरामद कर लिए। आरोपियों से शेष बरामदगी के बारे में पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में कपिल आहुजा ने चोरी की वारदात व्यापार में घाटा होने के कारण हुए कर्जे को चुकाने के लिए करना स्वीकार किया।