कोटा. देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस्ड परीक्षा सोमवार को देश के 155 शहर, छह विदेशों में हुई। राजस्थान के सात शहरों में परीक्षा दो चरणों में सुबह 9 से 12 व दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक हुई। विद्यार्थियों से मिले फीडबैक के अनुसार जेईई एडवांस्ड 2019 का पेपर पिछले वर्षों की तुलना में कठिन था।
फिजिक्स व मैथेमेटिक्स ने विद्यार्थियों को परेशान किया। जबकि कैमेस्ट्री का पेपर ओवरऑल आसान रहा। पेपर-2, पेपर-1 की तुलना में कठिन था। पेपर पैटर्न वर्ष 2018 की तरह रहा, लेकिन प्रश्नों को पूछने का तरीका अलग था। पेपर लैंथी होने से विद्यार्थियों को काफी समय लगा।
एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के निदेशक बृजेश माहेश्वरी ने बताया कि सबसे खास बात यह रही कि पिछले वर्ष पेपर अधिकतम 360 अंकों का था। जबकि इस वर्ष 372 अंकों का रहा। पेपर-1 और पेपर-2 अधिकतम 186-186 अंकों के रहे। इस बार मल्टीपल च्वाइस प्रश्नों में गलत उत्तर देने पर माइनस 1 अंक का प्रावधान किया गया। जोकि पिछले वर्ष माइनस 2 था।
जेईई…. परीक्षा सामग्री के लिए मिली स्वीकृति Approval for examination material
कॅरिअर काउंसलर अमित आहूजा ने बताया कि परीक्षा में विद्यार्थियों को पेपर 1 के लिए सुबह 7.30 बजे केन्द्र में प्रवेश की अनुमति दे दी गई। जहां बायोमिट्रिक जांच के उपरान्त उनकी सीट आवंटित की गई। विद्यार्थियों ने आवंटित सीट पर लगे कम्प्यूटर स्क्रीन पर आवश्यक जानकारियां डालकर लॉगइन कर 20 मिनट पूर्व दिशा निर्देशों को भलीभांति पढ़ा।
विद्यार्थियों को दिशा निर्देश प्रिंटेड रूप में भी मिले। परीक्षा केन्द्र पर विद्यार्थियों को पेन, पेंसिल, रबर, शॉपर्नर ले जाने की अनुमति दी गई, परन्तु आईआईटी रूडकी द्वारा परीक्षा सामग्री के संबंध में प्रवेश पत्र पर कोई दिशा निर्देश जारी नहीं होने से विद्यार्थियों में असमंजस की स्थिति रही। केवल इस संबंध में इनर्फ ोमेशन बुलेटिन में ही जानकारी दी गई थी।
जबकि गत वर्ष आईआईटी मद्रास द्वारा इस संबंध में अलग से एडवाइजरी भी जारी की गई थी। जिसके अनुसार विद्यार्थियों को परीक्षा हाल में रफ कार्य के लिए पेन दिया गया था। परीक्षा हाल में विद्यार्थियों को रफ वर्क के लिए 30 पेज का स्क्रम्बल पेड दिया गया। जिस पर विद्यार्थियों को जेईई एडवांस्ड रोल नम्बर, स्वयं का नाम एवं हस्ताक्षर करने थे। साथ ही इस पेड पर उपयोग संबंधित सभी दिशा-निर्देश भी दिए गए। जिसके अनुसार परीक्षा समाप्त होने पर पर्यवेक्षक को न लौटाकर अपने साथ विद्यार्थी ले जा सकता है।