
कोटा. गढ़ पैलेस में हर बार की तरह इस बार भी दशहरा के दिन मंगलवार को परम्परागत दरीखाना सजा। हाड़ौती के पूर्व ठिकानों के प्रतिनिधि परम्परागत वेशभूषा में सज-धज कर आए।
उन्होंने बारी-बारी से पूर्व राज परिवार के सदस्य बृजराज सिंह व इज्यराज सिंह से दशहरा की राम-राम की। महिलाएं भी यहां एक जैसी पोशाक पहने नजर आई। जैसे-जैसे शाम ढली, वैसे-वैसे रोशनी से सजे दरीखाना की आभा निखरती गई।
गढ़ में भगवान लक्ष्मीनारायण की पूजा-अर्चना की। उसके बाद गढ़ के दरीखाने से राजसी वैभव और ठाट-बाट के साथ भगवान लक्ष्मी नारायण की सवारी निकाली गई। खुली जीप में राज परिवार के पूर्व सदस्य इज्यराज सिंह शाही पोशाक में थे। लोक कलाकार हाड़ौती की संस्कृति छटा बिखेरते हर किसी का ध्यान खींच रहे थे।
सवारी गढ़ पैलेस से रवाना होकर किशोरपुरा दरवाजे से होते हुए रात 8 बजे दशहरा मैदान स्थित विजयश्री रंगमंच पहुंची। यहां इज्यराज सिंह ने पूजन के बाद रावण की नाभि के कलश को तीर से भेदा। उसके बाद रावण दहन हुआ।
– यह रहे आकर्षण
भगवान लक्ष्मी नारायण की सवारी गढ़ पैलेस से शाम 7 बजे रवाना हुई। सबसे आगे 31 घोड़ों पर राक्षस व वानरों की सेना थी। उसके बाद काली, हनुमान व रावण की झांकी थी। उसके बाद हरियाणा, पंजाब के लोक कलाकारों के दल भांगड़ा करते व कच्ची घोड़ी आकर्षण रहे। रंगीन आतिशबाजी की गई। जिसे लोगो ने अपलक निहारा।
– यह रहे मौजूद
दरीखाने में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मथुराधीश के मिलन बाबा, महापौर महेश विजय, पूर्व विधायक भवानी सिंह राजावत, उपमहापौर सुनीता व्यास, नगर निगम के आयुक्त वासुदेव मालावत, मेलाधिकारी कीर्ति राठौर इसके अलावा कोयला के छत्रवीर सिंह, बम्बूलिया के अभिमन्यु सिंह, इंटेक के कन्वीनर निखिलेश सेठी, फौजदार परिवार के हाकीम दिगम्बर सिंह, राव माधोसिंह ट्रस्ट के ट्रस्टी व इतिहासकार जगतनारायण समेत हाड़ौती के पूर्व ठिकानों के प्रतिनिधियों ने पूर्व राज परिवार के सदस्य बृजराज सिंह व इज्यराज सिंह से रामा-श्याम की।