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कोटा विवि : आवेदन से लेकर फीस जमा करने तक की प्रक्रिया होगी डिजिटलाइज्ड

कोटा विश्वविद्यालय से संबद्धता लेने के लिए अब कॉलेज प्रबंधन को ऑनलाइन आवेदन करना होगा

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कोटा . कोटा विश्वविद्यालय से संबद्धता लेने के लिए अब कॉलेज प्रबंधन को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। एडमिशन के बाद अब एफीलेशन की पूरी प्रक्रिया को विवि प्रशासन डिजिटलाइज्ड करने में जुटा है। विवि ने इस काम की जिम्मेदारी सरकारी एजेंसी आरआईएसएल को सौंपी है। इसके साथ ही बोर्ड ऑफ स्टडीज ने अब कॉलेजों को सालाना निरीक्षण से छूट देने का भी फैसला किया है।

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कोटा विश्वविद्यालय में अभी तक संबद्धता हासिल करने के लिए कागज-पत्री पर ही आवेदन करना होता है। इसके साथ ही फीस भी नोडल बैंक में जमा करानी होती है, लेकिन अब विवि प्रशासन पूरी प्रक्रिया को डिजिटलाइज्ड करने में जुट गया है। विवि प्रशासन ने प्रदेश सरकार की एजेंसी राजकॉम्प इन्फो सर्विस लिमिडेट (आरआईएसएल) को इस काम की जिम्मेदारी सौंपी है।

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मॉड्यूल हुआ तैयार
राज्यपाल कल्याण सिंह ने प्रदेश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों, विभागों और मंत्रालय के लिए केंद्रीयकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की पहल की थी। कोटा विवि इस पहल के पहले चरण से ही जुड़ गया। इसके चलते इस बार सारी प्रवेश प्रक्रिया भी ऑनलाइन की गई। इसके बाद अब एफीलेशन के डिजिटलाइजेशन की व्यवस्था भी इसी साल शुरू हो जाएगी। इसके लिए आरआईएसएल पहले से ही मॉड्यूल तैयार कर चुकी है। इसका विवि प्रशासन की ओर से अब परीक्षण किया जाएगा। इसके सफल होने के बाद अब एप्लीकेशन से लेकर डॉक्यूमेंट और फीस सब्मिट करने तक का काम ऑनलाइन ही होगा। व्यवस्था डिजिटलाइज होने के बाद संबद्धता को लेकर होने वाले आरोप- प्रत्यारोप का दौर भी खत्म हो जाएगा।

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निरीक्षण में भी मिली छूट
हाल ही हुई बोर्ड ऑफ इंस्पेक्शन की बैठक में एफीलेशन प्रॉसेस डिजिटलाइज करने की अनुमति देने के साथ ही कोटा विवि से संबद्ध महाविद्यालयों में सालाना निरीक्षण करने के बजाय तीन साल में एक बार निरीक्षण करने का भी निर्णय लिया गया। बीते तीन सालों से इसके लिए निरीक्षण तय करने का अधिकार भी कुलपति के पास ही था, जिसे कुलपति प्रो. नीलिमा सिंह ने वापस बोर्ड को सौंप दिया। कुलपति ने सालों पुरानी निरीक्षकों की सूची को अपडेट करने और सभी जिलों के शिक्षकों को समान अवसर देने का प्रस्ताव रखा। इसे बोर्ड ने स्वीकार कर लिया। बोर्ड की बैठक में सालों से लंबित संबद्धता के प्रकरण रखे जाने पर कुलपति ने नाराजगी जताते हुए इनके तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए।

 

आरआईएसएल ने मॉड्यूल तैयार किया
संबद्धता की प्रक्रिया को डिजिटलाइज्ड करने जा रहे हैं। आरआईएसएल ने इसका मॉड्यूल तैयार किया है। बीओआई की बैठक में निरीक्षकों की नई सूची तैयार करने और कॉलेजों के सालाना निरीक्षण की बजाय तीन साल में एक बार निरीक्षण किए जाने का भी निर्णय लिया गया है।
प्रो. नीलिमा सिंह, कुलपति, कोटा विवि