विजेता धन्नालाल ने बताया कि वह रोजाना मूंछ में भैंस के दूध के झाग लगाकर सुखाते हैं। उसके बाद धोकर सरसों के तेल से मालिश करते हैं। उन्होंने बताया कि बनियान में उन्होंने विशेष जेब बनवा रखी है। उसी में मूछें रखते हैं। धन्नालाल ने कहा कि 2004 से प्रतियोगिता में आ रहे हैं। मूंछ लंबी करके गिनीज बुक में नाम दर्ज कराने की ख्वाहिश है। इस दौरान निर्णायक के रूप में नाथूलाल पहलवान, नरेंद्र केथोलिया व गोबरीलाल मेहरा मौजूद रहे।