कोटा. कोटा में एक कोचिंग सेंटर से नीट की तेयारी करने वाले पश्चिम बंगाल निवासी 20 वर्षीय फोरिद द्वारा आत्महत्या के मामले में जिला कलक्टर ने संबंधित कोचिंग संस्थान को नोटिस दिया है। आत्महत्या के सम्बंध में तीन दिन में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा है।
जिला कलक्टर एमपी मीणा ने जारी किए नोटिस में कहा कि कोचिंग संस्थान में अध्ययनरत छात्र फोरीद होसेन ने 27 नवम्बर को आत्महत्या कर ली। जबकि 8 नवम्बर व 11 नवम्बर को हुई जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक में यह स्पष्ट निर्देश दिए थे, कि कोचिंग संस्थान अपने-अपने छात्रों की समय-समय पर काउंसलिंग करेगी। काउंसलिंग के दौरान अवसाद से प्रभावित छात्रों को चिन्हित कर उनके साथ नियमित काउंसलिंग की जाएगी। ऐसे छात्रों के मात-पिता से भी बात कर उनकों स्थिति से अवगत कराया जाएगा। यदि छात्र की स्थिति अधिक अवसादग्रस्त है तथा उसके माता पिता सूचना के बाद भी उसे लेने नहीं आते हैं तो तत्काल जिला प्रशासन के संज्ञान में लाया जाएगा।
लेकिन छात्र फोरिद होसेन के प्रकरण में कोचिंग संस्थान प्रबंधन ने जिला प्रशासन को इस संबंध में कोई सूचना नहीं दी। जिसके कारण जिला प्रशासन स्तर से राजकीय मनोचिकित्सक से छात्र का परामर्श उपचार संभव नहीं हो सका।
जबकि कोचिंग संस्थान प्रबंधन से वार्ता के बाद अवगत हुआ छात्र अवसादग्रस्त था। छात्र से 12 नवम्बर को काउंसलिंग के दौरान पता चला था कि वह अवसादग्रस्त था। छात्र की लगातार काउंसलिंग कोचिंग स्तर पर ही हो रही थी। इसके बावजूद भी कोचिंग संस्थान ने इसकी सूचना जिला प्रशासन को नहीं दी। जिसके फलस्वरूप मृतक छात्र के परिजनों को समझाइश की जा सकती थी, जो संभव नहीं हो सका।
कोचिंग संस्थान का यह कृत्य छात्रों के मनोबल बढ़ाने के लिए उदासीनता एवं शासकीय निर्देशों की अवज्ञा की श्रेणी में आता है। इस संबंध में आप अपना स्पष्टीकरण तीन दिन में प्रस्तुत करने को कहा है।