kota news: एक तरफ पूरा शहर दीपावली की खुशियों से सरोबार है। ऐसे में एजुकेशन सिटी कोटा में अपने घर से हजारों किलोमीटर दूर रहकर पढ़ाई कर रहे बच्चों को घर जैसा त्यौहार का आनंद भी दिया जा रहा है। यहां राजीव गांधी नगर, लैंडमार्क सिटी, कोरल पार्क में कोचिंग के बच्चों के साथ मिलकर हॉस्टल व कोचिंग संचालकों ने दीपावली का पर्व मनाया। दीपावली पर म्यूजिक मस्ती, दीपक प्रज्जवलन, आतिशबाजी भी की गई। सभी स्टूडेंट्स ने एक-दूसरे को हैप्पी दिवाली व शुभकामनाएं दी।
कोरल पार्क में एक गर्ल्स हॉस्टल वार्डन सीमा यादव बताती है कि कोटा इसीलिए अलग है, क्योंकि यहां घर से दूर भी सभी के लिए एक घर है, जो बच्चे दिवाली पर घर नहीं जा सके, उनके लिए हॉस्टल में कई कार्यक्रम रखे गए है। दिवाली सेलिब्रेशन मनाया। जिससे इन स्टूडेंट्स को ऐसा अहसास नहीं हो कि वो घर से दूर हैं। इन सभी छात्रों के लिए हॉस्टल की तरफ से आतिशबाजी की व्यवस्था की गई। कई तरह की मिठाई और स्पेशल खाना दिया जाएगा, ताकि इन बच्चों को घर जैसा एहसास हो सके।
30 प्रतिशत स्टूडेंट्स नहीं जा पाते अपने घर
बता दें कि देशभर से मेडिकल और इंजीनियरिंग एंट्रेंस की कोचिंग करने आने वाले बच्चों को दीपावली पर ही एक लंबा वेकेशन मिलता है और वह अपने घर भी जा पाते हैं। सवा लाख स्टूडेंट्स में से 30 प्रतिशत स्टूडेंट़स अपने घरों पर नहीं जा पाते है। कुछ दिवाली और छठ की पूजा के त्योहार एक साथ आने से ट्रेनों में ‘नोरूम’ जैसे हालात हो जाते हैं। जिसके चलते स्टूडेंट्स अपने घर नहीं जा पाते। इसके अलावा पूर्वात्तर के भी कई स्टूडेंट्स घर नहीं जाते है। ऐसे में उन्हें कोटा में ही दिवाली पर घर जैसा माहौल प्रदान किया जाता है, ताकि उन्हें घर की कमी का अहसास नहीं हो सके।