नागौर. पशुपालकों के लिए खुशखबरी है। 14 फरवरी यानि की शुक्रवार से पशुपालकों की ढाणियों, गांवों में अधिकारी खुद ही उनके पास पहुंचेंगे। उनको पशुपालन के आधुनिक तरीकों के साथ ही पशुधन की उत्पादकता, स्वास्थ्य, कल्याण के अलावा टिकाऊ खेती आदि की जानकारियां दी जाएगी। विभाग की ओर से यह कार्यक्रम 13 मार्च तक पशुपालन एवं पशु कल्याण जागरुकता कार्यक्रम के तहत आयोजित किए जाएंगे। इससे अधिकाधिक पशुपालकों एवं किसानों को जोडऩे के लिए सरकारी एवं गैर सरकारी संगठनों से भी सहयोग लिया जाएगा। ताकि इसे पश्ुापालक बेहतर तरीके से लाभान्वित हो सकें।
ब्लॉकवार पशु चिकित्सा प्रभारियों को मिले निर्देश
पशुपालन विभाग की ओर से पहले दिन शुक्रवार से ब्लॉकवार कार्यक्रम किए जाएंगे। इसके लिए पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. महेश कुमार मीणा ने जिले के सभी ब्लॉकवार नोडल एवं पशु चिकित्सा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। विभाग की ओर से इस अभियान में कृषि सहित अन्य संबंधित विभागों से भी सहयोग लिया जाएगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अभियान के तहत पहली प्राथमिकता जिले में मौजूद सभी पशुपालकों को इससे जोडऩे की है। इसमें पशुपालकों की न केवल समस्याओं का समाधान किया जाएगा, बल्कि उनको नवीन तकनीकी से पालन की तकनीकी जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही अधिकारियों को यह भी कहा गया है कि वह पशुपालकों के पास पहुंचकर चौपाल का आयोजन कर उनको योजनाओं की जानकारी देंगे। इसके अलावा उनके अब तक उनकी ओर से पालन के तरीकों को देखने लिए उनके पशुओं के बाड़ों में पहुचेंगे। स्थिति का समुचित तरीके से अवलोकन करने के साथ ही इसमें सहजतापूर्वक सुधार करने के साथ ही सुधार से होने वाले लाभ के बारे में भी पशुपालक को जानकारी देंगे। पशुपालक विभाग की ओर से दी गई जानकारियों पर अमल कर रहा है या नहीं, इसकी गतिविधियां भी उनकी ओर से यथासमय जांची जानी चाहिए। ताकि पशुपालक को बताया जा सके कि वह नवीन तकनीकी का इस्तेमाल न कर खुद का नुकसान कर रहा है। इसमें पशुपालक को विभाग की ओर से निकटवर्ती पशु चिकित्सा केन्द्र के जिम्मेदार अधिकारियों का नंबर भी दिया जाएगा। ताकि पशुपालक नवीन सुधार के तरीको पर आने वाली दिक्कतों का साझा संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ सरलता से कर सके।
हर सोमवार को जाएगी रिपोर्ट
अभियान के दौरान प्रत्येक दिवस के गतिविधियों की फोटो एवं वीडियो खुद विभाग की ओर से तैयार किए जाएंगे। पशुपालक से बातचीत के दौरान पशुपालन के साथ ही उसको टिकाऊ खेती की भी जानकारी दी जानी चाहिए। इसमें पशुपालक से बातचीत, उसके बाड़े का निरीक्षण, चौपाल कार्यक्रम, खेतों पर किसानों के साथ आदि लगभग प्रत्येक गतिविधियों की फोटो विभाग को रिकार्ड के तौर पर रखने के साथ ही अलग से रजिस्टर में इसका पूरा ब्योरा रखना होगा। हर सोमवार को पूरी गतिविधियों की रिपोर्ट की प्रति राज्य जीव जंतु कल्याण बोर्ड के मेल आईडी पर भेजनी अनिवार्य रहेगी।
इनका कहना है…
आज से 13 मार्च तक पशुपालन एवं पशु कल्याण जागरुकता कार्यक्रम के तहत आयोजित किए जाएंगे। इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। रोजाना के गतिविधियों का रिकार्ड भी अलग से रखा जाएगा।
डॉ. महेश कुमार मीणा, संयुक्त निदेशक पशुपालन नागौर