नागौर. ऊबछठ गुरुवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर शहर के प्रसिद्ध बंशीवाला मंदिर में दिनभर रौनक रही। बंशीवाला मंदिर में महिलाओं का विशेष मेला भरा। मेले के दौरान तीन घंटे तक केवल महिलाएं ही रहीं। इस दौरान ऊबछठ की कथा सुनने के साथ ही महिलाओं ने गीत, संगीत एवं नृत्य की परस्पर प्रस्तुतियां दी। मेले में शाम को सात बजे से ही महिलाएं पहुंचने लगी थी। आठ बजे तक पूरा मंदिर परिसर महिलाओं से भरा नजर आया। स्थिति यह रही कि मंदिर के मुख्य गेट से लेकर अंदर तक चारों ओर केवल महिलाएं ही नजर आ रही थी। इस दौरान महिलाओं ने ऊबछठ की कथा बड़े भाव से सुनी और बंशीवाला के पूजन-अर्चन में भाग लिया। कथा के बाद भक्ति पर आधारित नृत्य, संगीत और गीत का दौर चला। जिसमें स्थानीय महिला कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से समा बांध दिया। मेले की विशेषता यह रही कि इसमें केवल महिलाओं का प्रवेश रहा। पुरुषों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित था और इसके लिए मंदिर के प्रवेश द्वार पर विशेष व्यवस्था की गई थी। इस मौके पर बंशीवाला का विभिन्न स्वरूपों में किया गया अलंकृत शृंगारमहिला श्रद्धालुओं के लिए आस्था और आकर्षण का केन्द्र बना रहा। महिलाएं भगवान के सजाए गए विग्रह के दर्शन कर अभिभूत होती रहीं। मंदिर परिसर में लगे सजावटी दीप, फूलमालाओं और रंगोली से वातावरण भक्तिमय बना रहा। स्थानीय बाजारों में भी इस मौके पर चहल-पहल रही। ऊबछठ के पर्व को लेकर महिलाओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। जो देर रात तक बना रहा।