
नागौर. रामपोल सत्संग भवन में चल रहे प्रवचन में आचार्य राधेश्याम शास्त्री ने कहा कि सत्संग तो हरि कृपा से मिलता है। हरि की कृपा होगी तो सत्संग का अवसर मिलने पर जीवन का कल्याण हो जाता है। वर्तमान में तो ज्यादातर लोग कच्चे घड़े की तरह होते हैं। संतों का सत्संग मिलने पर कच्चा घड़ा भी मजबूत बन जाता है। मनुष्य को सत्संग मिला तो फिर बुराई का क्षरण होने लगता है। उन्होंने कहा कि जंगल में सिंह की दहाड़ सुनकर जैसे गीदड़ गायब हो जाते हैं, उसी तरह से संत के सत्संग से बुराई रूपी गीदड़ का भी नाश हो जाता है। इसलिए सत्संग तो जरूर करना चाहिए। इस दौरान रामनामी महंत मुरलीराम महाराज, नंदलाल प्रजापत, कांतिलाल कंसारा, मनोज कुमार शर्मा, केवलचंद टेलर आदि मौजूद थे।