
नागौर. रामदेव पशु मेला में पशुओं की आवक का आंकड़ा चार हजार पार पहुंच गया है। सर्वाधिक संख्या ऊंटों की रही है। ऊंटों की संख्या मेले में 2078 तक हो गई है। जबकि गोवंशों की संख्या अब 1596 तक पहुंची है। भैंस वंश 365 व घोड़ों की संख्या 35 है। कुल पशुओं का आंकड़ा 4104 रहा है। मेला प्रभारी डॉ. महेश कुमार मीणा ने बताया कि पशुओं की आवक जारी है। यह आंकड़ा अभी और बढ़ेगा।
अब शुरू हुई पशुओं की खरीद
रामदेव पशु मेला में बाहर से आए व्यापारी बुधवार को पशुपालकों से उनके पशुओं की खरीद को लेकर सौदे की बातचीत करने में लगे रहे। मेला में अब तक बैलों में पचास हजार से लेकर दो लाख तक के बैलों की जोडिय़ां पहुंच चुकी है। इनको लेकर पूरे दिन व्यापारी मोलभाव करते रहे। खरीद के साथ ही पशुपालकों ने पेशगी भी दी। पशुपालकों क कहना था कि खरीद तो लगभग हो गई, लेकिन अब जिस दिन सफेद चि_ी बनेगी। पैसा भी उसी दिन दे दिया जाएगा।
विदेशी पर्यटकों ने ऊंट सवारी लिया लुत्फ
रामदेव पशु मेला में अमेरिका से आए हुए पर्यटकों के दल ने बुधवार को ऊंट सवारी का लुत्फ लिया। सुबह हुई प्रतियोगिता में कुछ पर्यटक ऊंटों की प्रतियोगिता देख रहे थे, तो कई अन्य पर्यटक ऊंटों की सवारी पर निकल गए। एक सिरे से लेकर दूसरे सिरे तक घूमते हुए पर्यटक इस दौरान रामदेव पशु मेला के नजारे को देखते हुए कैमरे में कैद करने में लगे रहे। मेला देखने पहुंचे विदेशी सैलानियों का ऊंटों के प्रति अब तक गजब का आकर्षण देखने का मिला है। बुधवार को भी वह पूरे दिन घूम-घूमकर ऊंटों की फोटो लेते रहे। करीब चार से पांच घंटे रहे विदेशी सैलानी पशु पालकों के बीच पहुंचे, उनसे बातचीत भी की। इससे पशु पालक खासे उत्साहित रहे। इस दौरान साथ में आए गाइड ने उनको अंग्रेजी में इस मेले की महत्ता व पशुओं की विशेषताओं के बारे में समझाया।
मेले में शामिल होने के लिए पहुंच रहे पशुपालक
रामदेव पशु मेला में शामिल होने के लिए मंगलवार को जोधपुर रोड, बीकानेर रोड पर कई पशुपालक अपने पशुओं के साथ मेला मैदान पहुंचने के लिए सफर करते नजर आए। देर शाम तक यह सिलसिला चलता रहा। सजे-धजे ऊंटों एवं गोवंशों के झुण्ड के साथ मेला मैदान में पहुंचते पशुपालकों को शहरवासी दिलचस्पी के साथ देखते नजर आए।