नागौर. राष्ट्रीय राजमार्ग 58 पर गोगेलाव व बाराणी गांव के बीच स्थित टोल प्लाजा पर सोमवार रात को वाहन चालक से मारपीट करने के आरोप में पुलिस ने टोल मैनेजर को गिरफ्तार किया है। सदर थाने में दर्ज मामले की जांच कर रहे कोतवाली थानाधिकारी मनीष देव ने बताया कि कार सवार से मारपीट व गाड़ी में तोडफ़ोड़ को लेकर दर्ज मामले में मंगलवार को दो जनों को शांतिभंग में गिरफ्तार करने के बाद बुधवार को झुंझुनूं जिले के जाखल निवासी अवतारसिंह पुत्र धीरसिंह को गिरफ्तार किया गया। उधर, घटना के बाद मौके पर पहुंची सदर थाना पुलिस को टोल के डिवाइडर के पास मिली 16.90 ग्राम एमडीएमए को लेकर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। कोतवाली थानाधिकारी देव ने बताया कि एमडीएमए की पुडिय़ा वहां कैसे आई, इसको लेकर सीसी टीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। जांच के बाद ही इसका खुलासा हो पाएगा कि एमडीएमए वहां किसने गिराई।
सदर थानाधिकारी ने दर्ज कराया मामला
सदर थानाधिकारी राहुल कुमार ने थाने में मामला दर्ज कराया कि सोमवार रात को गोगेलाव टोल प्लाजा पर मारपीट की घटना की सूचना मिलने पर जब वे मौके पर पहुंचे तो वहां एक क्षतिग्रस्त कार मिली, जिसकी तलाश करने पर कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली। इसके बाद कार को क्रेन की सहायता से थाने पहुंचाया। इसके बाद घटना स्थल का निरीक्षण टोल मैनेजर अवतारसिंह की मौजूदगी में किया गया तो टोल प्लाजा गोगेलाव के डिवाइडर केेे पास एक लावारिस अवस्था में प्लास्टिक की एक पारदर्शी थैली मिली, जिसमें सफेद रंग का पाउडरनुमा पदार्थ भरा हुआ था। उक्त प्लास्टिक की थैली में भरा हुआ पदार्थ अवैध मादक पदार्थ एमडीएमए होने की संभावना होने पर अवैध मादक पदार्थ की जब्ती की गई और उसकी पहचान मादक पदार्थ एमडीएमए के रूप में की गई। प्लास्टिक थैली सहित वजन 20.10 ग्राम एवं शुद्ध वजन 16.90 ग्राम पाया गया। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
टोल कार्मिकों पर कसेगी लगाम
टोल नाकों पर अप्रिय घटनाओं से बचने के लिए अब जिलों के सभी टोल कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन करवाया जाएगा। इसको लेकर बुधवार को नागौर एसडीएम सुनील कुमार के साथ एनएच के एक्सईएन दीपक परिहार की बैठक हुई, जिसमें चर्चा के बाद एनएचएआई परियोजना निदेशक जोधपुर, बीकानेर व सीकर को पत्र लिखकर टोल पर काम करने वाले सभी कार्मिकों सम्पूर्ण जानकारी मांगी गई है। गौरतलब है कि मंगलवार को गोगेलाव टोल नाके पर ग्रामीणों की ओर से दिए गए धरने के बाद समझौता वार्ता में टोल कार्मिकों का पुलिस सत्यापन करवाने की मांग की गई थी। एनएच के एक्सईएन परिहान ने परियोजना निदेशकों को लिखे पत्र में बताया कि बैठक में नागौर जिले से होकर गुजरने याले राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल नाकों पर होने वाली घटनाओं को संज्ञान में लेते हुए टोल संग्रहण एजेंसी को विभागीय स्तर पर अनुबंध के तहत पाबंद करने की कार्रवाई करने के लिए चर्चा हुई। ताकि भविष्य में गोगेलाव टोल प्लाजा जैसी घटनाओं पर रोकथान लगाई जा सके तथा कानून व्यवरथा बनी रहे।
समय-समय पर करें टोल का निरीक्षण
एनएच के एक्सईएन ने कहा कि विभागीय अधिकारियों की ओर से समय-समय पर टोल नाकों का निरीक्षण किया जाए तथा निरीक्षण के दौरान पाई जाने वाली कमियों पर टोल संवेदक / ठेकोदार के विरूद कठोर कार्रवाई अनुबंध के तहत अमल में लाई जाए। इसके साथ जिला प्रशासन के निर्देशानुसार टोल संगहण एजेंसी के दायित्वों से संबंधित दस्तावेज की प्रति मय कार्मिकों की विस्तृत सूचना उपलब्ध करवाने के लिए कहा है।