दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने गुरुवार को पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार को 1984 के सिख विरोधी दंगों में बरी कर दिया। यह मामला राजधानी के जनकपुरी और विकासपुरी इलाकों में हिंसा भड़काने के आरोपों से जुड़ा था। स्पेशल जज डिग विनय सिंह ने मौखिक रूप से बरी करने का फैसला सुनाया, जबकि विस्तृत तर्कपूर्ण आदेश अभी जारी किया जाना बाकी है। कोर्ट के इस फैसले से पीड़ित परिवार में भारी निराशा है और वह इससे संतुष्ट नहीं है। पीड़ितों का कहना है उन्हें इंसाफ नहीं मिला है, वह इस फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील करेंगे। एक दुखी परिवार के सदस्य ने आंसू रोकने की कोशिश करते हुए कहा कि हमें इंसाफ नहीं मिला। हमने अपने पति, पिता और भाइयों को खो दिया। मेरे परिवार के दस लोग मारे गए। गुस्सा और दुख जाहिर करते हुए एक अन्य पीड़ित के रिश्तेदारों ने कहा कि सज्जन कुमार को फांसी होनी चाहिए।