प्रधानमंत्री.. मुख्यमंत्री, केन्द्रीय मंत्रियों और राज्य मंत्रियों की अब खैर नहीं है.. अगर किसी भी आपराधिक मामले में वो जेल जाते है तो उनकी कुर्सी जाना तय है। केन्द्र की मोदी सरकार संसद में महत्वपूर्ण विधेयक ला रही है.. जिसके तहत ये कार्रवाई होगी। दरअसल, संसद के मानसून सत्र में हंगामे के बीच मोदी सरकार लोकसभा में बुधवार को तीन विधेयक पेश करेगी। इनके तहत प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री और राज्य मंत्री अगर गिरफ्तार होते हैं तो उन्हें पद से हटना होगा। वहीं ये नियम केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री और मंत्रियों की गिरफ्तारी के बाद भी लागू होगा। सीरियस क्रिमिनल चार्ज में डिटेन होने पर भी उन्हें पद से हटाया जाएगा। केंद्र सरकार बुधवार को जो विधेयक पेश करेगी, उनमें संघ राज्य क्षेत्र सरकार (संशोधन) विधेयक 2025, संविधान (एक सौ तीसवां संशोधन) विधेयक 2025 और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2025 शामिल है. बताया जा रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इन तीनों विधेयकों को संसद की संयुक्त समिति को भेजने के लिए लोकसभा में प्रस्ताव भी पेश करेंगे.. अभी तक संविधान के तहत केवल वे जनप्रतिनिधि जिन्हें दोषी ठहराया गया हो, उन्हें ही पद से हटाया जा सकता था. लेकिन नया प्रस्तावित बिल कहता है कि यदि प्रधानमंत्री, कोई केंद्रीय मंत्री, कोई मुख्यमंत्री या किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश का मंत्री गिरफ्तार होकर लगातार 30 दिनों तक हिरासत में रहता है, तो उन्हें 31वें दिन इस्तीफा देना होगा या स्वतः पद से हटा माना जाएगा.