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LPG गैस सिलेंडर पर संसद में हंगामा, विपक्ष ने सरकार पर लगाया गलत जानकारी देने का आरोप

LPG cylinder shortage: पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत में एलपीजी सिलेंडर की कमी को लेकर संसद में हंगामा हुआ। विपक्ष ने सरकार पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया और इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की मांग की।

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LPG Shortage

Photo: AI

LPG cylinder shortage: ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद दुनिया भर में तेल और गैस की सप्लाई पर असर पड़ा है। भारत भी इससे अछूता नहीं रहा। एलपीजी गैस सिलेंडर की कमी को लेकर संसद में भी हंगामा हुआ। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने सरकार पर इस मुद्दे पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने सदन के बाहर विरोध-प्रदर्शन भी किया।

'दिन प्रतिदिन बिगड़ रही स्थिति'

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के मद्देनजर एलपीजी गैस की कमी को लेकर केंद्र सरकार लोगों को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि गैस एजेंसियों को कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई सीमित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके कारण ढाबे, रेस्तरां और होटल बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। उनके अनुसार स्थिति दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है।

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि आवश्यक वस्तु अधिनियम (ESMA) लागू करना अतिरंजित कदम था। उनका कहना था कि इस संकट पर सदन में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “दिलचस्प बात यह है कि कच्चे तेल की कीमत कल 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने के बाद घटकर 90 डॉलर प्रति बैरल हो गई। इसलिए कच्चे तेल की कीमत में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई है। जो कच्चा तेल या पेट्रोलियम उत्पाद आज उपलब्ध हो रहे हैं, उनके अनुबंध कम से कम 45 से 60 दिन पहले किए गए होंगे, जब कीमतें काफी कम थीं। ऐसे में एयरलाइंस द्वारा लगाया गया सरचार्ज और सरकार द्वारा ESMA लागू करके की गई राशनिंग कुछ ज्यादा ही प्रतीत होती है। यह एक घबराहट भरी प्रतिक्रिया है। इसलिए हम कह रहे हैं कि इस विषय पर सदन में विस्तार से चर्चा होनी चाहिए।”

शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने भी पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच देशभर में एलपीजी सिलेंडर की कमी को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार के आश्वासन गलत साबित हुए हैं। उन्होंने कहा, “इस समय देश के सामने सबसे बड़ी समस्या अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष से उत्पन्न स्थिति है। व्यावसायिक और घरेलू गैस की कमी देखी जा रही है। जब यह संघर्ष शुरू हुआ था, तब मोदी सरकार ने कहा था कि भारत पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा और कीमतों में कोई वृद्धि नहीं होगी। लेकिन प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और विदेश मंत्री के आश्वासन विफल साबित हुए हैं। मुंबई और अन्य शहरों में रेस्तरां बंद हो रहे हैं।”

'मुद्दे को संसद में उठाएंगे'

सीपीआई (M) के राज्यसभा सांसद वी. शिवदासन ने कहा, “कई होटल बंद हो गए हैं और गैस की कमी के कारण कई परिवार परेशान हैं। केंद्र सरकार इस समस्या का सही ढंग से समाधान करने को तैयार नहीं है। हम इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे और हमारी पार्टी संसद के बाहर भी इसे उठाएगी। साथ ही मूल्य वृद्धि के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया जाएगा।”

उधर, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) के सांसद पी. संदोष कुमार ने बुधवार को राज्यसभा में कार्य स्थगन प्रस्ताव पेश किया, जिसमें पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच देशभर में एलपीजी सिलेंडरों की कमी पर चर्चा की मांग की गई। नोटिस देते हुए सांसद ने एलपीजी सिलेंडरों के लिए बढ़ते इंतजार के समय और कीमतों में वृद्धि का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इस कमी ने नागरिकों के लिए “अत्यधिक कठिनाई” पैदा कर दी है।

आरजेडी सांसद मनोज झाने कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी पर कहा कि लोगों के मन में अनिश्चितता है। प्रधानमंत्री को सदन में बोलना चाहिए. विदेश मंत्रालय जब बयान देता है तो वे सवाल नहीं लेते और सफाई नहीं देते। ऐसी अस्पष्टता हमने कभी नहीं देखी।