भीलवाड़ा। शाहपुरा जिले के ईटडिया गांव में चांदीपुरा वायरस से ग्रसित दो साल की बालिका ने आखिरकार गुरुवार देर रात जिंदगी से जंग हार गई। चांदीपुरा वायरस से ग्रसित बालिका ने उपचार के दौरान अहमदाबाद में दम तोड़ा दिया। बालिका वेंटीलेटर पर थी। उधर, बालिका की मौत के बाद शुक्रवार को चिकित्सा विभाग ने गाइड लाइन के अनुसार अंतिम संस्कार करवाया।
चिकित्सा विभाग के अनुसार गांव में 302 घर हैं, उनमें रहने वाले 1770 लोगों की जांच की गई है। बालिक की मौत से गांव में वायरस को लेकर दहशत का माहौल है। बालिका के दो भाई जिनकी उम्र 17 व 5 साल है। उनको तीन दिन से बुखार आ रहा है। लेकिन उल्टी व दस्त नहीं होने से चिंताजनक स्थिति नहीं है। फिर भी एतियातन इन दोनों का शुक्रवार को सेम्पल लेकर जांच के लिए उदयपुर भेजा गया है।
यह है मामला
ईटडि़या की बालिका को तेज बुखार व उल्टी दस्त होने पर 4-5 अगस्त की रात को 12 बजे बिजयनगर के श्रीनाथ चिकित्सालय में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर 5 अगस्त को दोपहर एक बजे भीलवाडा के निजी चिकित्सालय में भर्ती करवा कर शिशु रोग विशेषज्ञ को दिखाया। यहां से रात आठ बजे अहमदाबाद के लिए रेफर किया। सुबह 4 बजे अहमदाबाद चिकित्सालय में भर्ती करया। 7 अगस्त को चांदीपुरा वायरस का खुलासा हुआ।
ऐसे फैलता चांदीपुरा वायरस
चांदीपुरा वायरस एक दुर्लभ प्रकार का वायरस है जो मुख्य रूप से 9 माह से 14 साल के बच्चों को प्रभावित करता है। इसका नाम नागपुर क्षेत्र के चंडीपुरा इलाके में 1965 में मिले पहले रोगी के कारण गांव के नाम से रखा गया। यह चांदीपुरा वायरस रेत मक्खी के काटने से फैलता है। सैंड फ्लाई मच्छर से छोटी मक्खी होती है और इसका रंग रेत जैसा होता है। मक्खी के पंख बालों वाले होते हैं। भारत में रेत मक्खियों की कुल 30 प्रजातियां पाई जाती है।